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क़ज़ाफ़ी की नाश का पोस्टमार्टम करने से इनकार, तरकारी मार्किट के फ़र्श पर मर्द आहन और बेटे की नाशें महफ़ूज़

मिस्रता 23 अक्टूबर : ( ए एफ़ पी ) : लीबिया के शहर मिसराता में फ़ौजी कमांडरों ने कहा है कि इस बात पर तशवीश के बावजूद भी कि माज़ूल मर्द आहन की मौत किस तरह हुई । मुअम्मर क़ज़ाफ़ी का पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा ।

मिस्रता 23 अक्टूबर : ( ए एफ़ पी ) : लीबिया के शहर मिसराता में फ़ौजी कमांडरों ने कहा है कि इस बात पर तशवीश के बावजूद भी कि माज़ूल मर्द आहन की मौत किस तरह हुई । मुअम्मर क़ज़ाफ़ी का पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा ।

मुक़ामी फ़ौजी कौंसल के तर्जुमान फतहि अलबशा-ए-ने कहा कि क़ज़ाफ़ी का आज ये फिर कभी कोई पोस्टमार्टम नहीं होगा । कोई भी इन ( क़ज़ाफ़ी ) की नाश की चीर फाड़ नहीं करेगा । उन के इस ब्यान की दीगर दो मुक़ामी फ़ौजी कमांडरों ने भी तौसीक़ की है ।

अलबशा-ए-ने कहा कि दार-उल-हकूमत में नए इक़तिदार के कमांडर अबदुलहकीम अलबहलाज मिसरा ता पहोनचकर उस मर्द आहन की नाश देखेंगे जिस ने 42 साल तक आहनी शिकंजा के ज़रीया 42 साल तक इस मुल्क पर हुक्मरानी की थी ।

लेकिन फ़ौजी उबूरी कौंसल के सरबराह मुस्तफ़ा अबदुलजलील के फ़ौरी तौर पर यहां पहूंचने का मंसूबा नहीं है । क़ज़ाफ़ी की नाश फ़िलहाल मिसरा ता के सब्ज़ी मार्किट के एक फ्ऱेज़र ( बरफ़दान ) में रखी हुई है । जो जुमेरात को उन के आबाई सुरत पर इन्क़िलाबीयों के क़बज़ा के बाद यहां मुंतक़िल की गई थी । क़ज़ाफ़ी की मौत के हालात के बारे में सही वाक़ियात और हालात का इन्किशाफ़ नहीं किया गया है ।

इस दौरान अबदुलजलील ने बन ग़ाज़ी मैं अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि क़ज़ाफ़ी के पोस्टमार्टम का कोई हवाला दीए बगै़र कहा कि इन की मौत के हालात की तहक़ीक़ात की जा रही हैं । इस सवाल पर कि आया क़ज़ाफ़ी की मौत के हालात की तहक़ीक़ात होंगी ।

अबदुलजलील ने जवाब दिया कि जी हाँ लेकिन उन्हों ने दीगर सवालात का जवाब देने से इनकार कर दिया । क़ज़ाफ़ी के एक मोतसिम की नाश भी इस सब्ज़ी मार्किट में क़ायम शूदा उबूरी मुर्दा ख़ाना में महफ़ूज़ कर दी गई है । मुक़ामी अफ़राद आज सुबह से ही यहां पहूंचना शुरू हो गए थे और बाप और बेटे की नाशों पर हैरत के साथ देखते रहे । क़ज़ाफ़ी और मोतसिम की नाशें फ़र्श पर पड़ी हुई थीं ।

मीडीया में कर्नल क़ज़ाफ़ी की मौत से मुताल्लिक़ वीडीयोज़ दिखाए गए जिस में ये वाज़िह किया गया कि बाग़ी जंगजूओं ने उन्हें बे रहमाना अंदाज़ में हलाक किया है। उबूरी हुकूमत पर क़ज़ाफ़ी की मौत की तहक़ीक़ात के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है।

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