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ख़बरदार करने वालों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए हाईकोर्ट में सरकारी पालिसी का मुसव्वदा पेश

मुंबई, 19 फ़रवरी: हुकूमत महाराष्ट्रा ने मुंबई हाईकोर्ट को आज इत्तेला दी कि वो ख़बरदार करने वालों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए रहनुमायाना ख़ुतूत मुतआरिफ़ करने की तजवीज़ रखती हैं, और गवाहों की देख भाल करना चाहती हैं जिन्हें मुजरिमों और ग़ैर समाजी

मुंबई, 19 फ़रवरी: हुकूमत महाराष्ट्रा ने मुंबई हाईकोर्ट को आज इत्तेला दी कि वो ख़बरदार करने वालों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए रहनुमायाना ख़ुतूत मुतआरिफ़ करने की तजवीज़ रखती हैं, और गवाहों की देख भाल करना चाहती हैं जिन्हें मुजरिमों और ग़ैर समाजी अनासिर से धमकियों का ख़तरा लाहक़ रहता है।

जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस के के टाटीड पर मुश्तमिल एक डीवीझ़न बेंच अज़ ख़ुद एक दरख़ास्त की समाअत कररही थी जो पौने हक़ मालूमात क़ानून के अलमबरदार कारकुन सतीश शेट्टी के क़तल के बारे में थी। सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि हमें दो अलेहदा रहनुमायाना ख़ुतूत के मजमूओं की ज़रूरत है, जिन में से एक ख़बरदार करने वालों और दूसरा गवाहों के लिए होना चाहिए।

ऐसी पालिसी के रहनुमायाना ख़ुतूत का एक मुसव्वदा आइन्दा समाअत के मौक़े पर अदालत की बेंच के इजलास पर पेश किया जाएगा। साबिक़ा समाअत में अदालत ने हुकूमत से ख़ाहिश की थी कि गवाहों और ख़बरदार करने वालों के तहफ़्फ़ुज़ के लिए जामा रहनुमायाना ख़ुतूत का ताय्युन किया जाये।

अदालत के मददगार की सिफ़ारिशात पर अमल आवरी करते हुए हाईकोर्ट ने मई 2010 में हुकूमत की जानिब से किए जाने वाले इक़दामात का ख़ाका पेश किया था और हिदायत दी थी कि इस मसले का जायज़ा लेने के लिए एक कमेटी क़ायम की जाये।

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