Thursday , December 14 2017

ख़वातीन के तहफ़्फ़ुज़ के लिए ठोस इक़दामात ज़रूरी

आलमी यौम ख़वातीन के मौके पर अंजुमन फ़लाह-ओ-मुआशरा यादगीर के ज़ेरे एहतेमाम एक मीटिंग में हसीना अंजुम सेक्रेटरी मुदर्रिसा वहीदा निस्वान कुम्हारवाड़ी यादगीर ने कहा कि मुल्क में ख़वातीन के हुक़ूक़ की पामाली के वाक़ियात में हर रोज़ इज़ाफ़ा ह

आलमी यौम ख़वातीन के मौके पर अंजुमन फ़लाह-ओ-मुआशरा यादगीर के ज़ेरे एहतेमाम एक मीटिंग में हसीना अंजुम सेक्रेटरी मुदर्रिसा वहीदा निस्वान कुम्हारवाड़ी यादगीर ने कहा कि मुल्क में ख़वातीन के हुक़ूक़ की पामाली के वाक़ियात में हर रोज़ इज़ाफ़ा होता जा रहा है।

आज ख़वातीन ख़ुद को गैर महफ़ूज़ समझती हैं। हुकूमत को इस बारे में ठोस इक़दामात करने की ज़रूरत है ताकि ख़वातीन में ख़ुद एतेमादी और तहफ़्फ़ुज़ का एहसास पैदा हुआ।

उन्होंने शहर में हुए एक नर्सिंग होम में माँ और बच्चे की मौत पर इज़हार-ए-अफ़सोस करते हुए कहा कि कहने को तो यादगीर् एक ज़िला है मगर यहां के अक्सर नर्सिंग होम्स में अपनी मनमानी की वजह से ख़वातीन ख़ासकर गरीब लोगों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कोई औरत 9 माह तक आप के पास ईलाज के लिए आती है मगर जब बच्चे की पैदाइश का वक़्त आता है तो उस को गुलबर्गा यह राइचोर के नर्सिंग होम जाने के लिए कहा जाता है।

कई एसे लोग होते हैं जो ये ख़र्च बर्दाश्त नहीं कर पाते एसे लोगों के लिए शहर में इसी कोई सहूलत नहीं यहां तक के एम्बुलेंस की सहूलत तक नहीं मिलती गरीब लोगों के लिए उन्होंने बेत उलमाल यादगीर की तरफ से गरीब ख़वातीन के लिए एक नर्सिंग होम क़ायम करने की अपील की और साथ ही मिल्लत के सरमाया दार हज़रात से गुज़ारिश की के मिल्लत की एसी गरीब के लिए मुफ़्त Van और गरीब मरीज़ों को दवावें की फ़राहमी जैसे फ़लाही-ओ-इमदादी कामों में सरगर्म रहीं।

इस मौके पर उन्होंने अपने इदारे के तहत चलाए जाने वाले लड़कियों के लिए दिनी तालीम और ख़वातीन के लिए मुफ़्त सिलाई क्लास का भी ज़िक्र किया जिस से ख़वातीन को ख़ुद कफील बनाने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर फ़ातिमा नसरीन , नाज़नीन सुलताना , ज़होरा बेगम गुलबर्गा भी मौजूद थी।

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