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ख़ादिम अलहजाज के लिए अहल सरकारी मुलाज़िमीन से दरख़ास्तों की तलबी

हज कमेटी आफ़ इंडिया मुंबई ने हज 2015 के दौरान ममलकत सऊदी अरबिया में हुज्जाज किराम के क़ियाम के दौरान उनकी मदद-ओ-रहनुमाई के मक़सद से ख़ादिम अलहजाज की ताय्युनाती के लिए अहल सरकारी मुलाज़िमीन से दरख़ास्तें तलब की हैं। प्रोफेसर एसए शकूर स्पेश

हज कमेटी आफ़ इंडिया मुंबई ने हज 2015 के दौरान ममलकत सऊदी अरबिया में हुज्जाज किराम के क़ियाम के दौरान उनकी मदद-ओ-रहनुमाई के मक़सद से ख़ादिम अलहजाज की ताय्युनाती के लिए अहल सरकारी मुलाज़िमीन से दरख़ास्तें तलब की हैं। प्रोफेसर एसए शकूर स्पेशल ऑफीसर तेलंगाना स्टेट हज कमेटी ने एक प्रेस नोट में बताया हैके सरकारी मुलाज़िमीन के अलावा अवामी शोबा के इदारों, दस्तूरी इदारों के मुलाज़िमीन, पुलिस मुलाज़िमीन-ओ-होम गारडज़, महिकमा जंगलात और महिकमा माल के मुलाज़िमीन भी दरख़ास्त देने के अहल हैं।

ताहम उनकी ताय्युनाती मर्कज़ी हज कमेटी की मंज़ूरी के ताबे होगी। उन्होंने बताया कि 01 जुलाई 2015 को उम्मीदवारों की उम्र 25 ता 50 साल के दरमयान होनी चाहीए और उन्होंने हज अदा कर लिया हो, फ़रीज़ा हज की अदायगी का सबूत पेश किया जाये।

उनके पास 31 मार्च 2016 तक कारकरद इंटरनेशनल पासपोर्ट भी मौजूद रहना चाहीए। मुंतख़ब ख़ादिम अलहजाज को किसी फ़र्द ख़ानदान को अपने साथ ले जाने की इजाज़त नहीं होगी। रियासत तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए अलाहिदा अलाहिदा ख़ादिम अलहजाज का तक़र्रुर होगा और वो जिस इलाके में ख़िदमात अंजाम दे रहे हूँ उसकी बुनियाद पर ही उनके इलाके का ताय्युन होगा। प्रोफेसर एसए शकूर ने बताया कि हर तीन सौ आज़मीन के साथ एक ख़ादिम अलहजाज को रावना किया जाएगा।

उम्मीदवारों को अरबी ज़बान के अलावा हज उमूर से वाक़फ़ीयत लाज़िमी है। अगर किसी ख़ादिम अलहजाज की कारकर्दगी के ताल्लुक़ से कौंसिल जनरल इंडिया, हज कमेटी आफ़ इंडिया या वज़ारत-ए-ख़ारजा की टाऱाफ से मनफ़ी रिपोर्ट वसूल हो तो उनके सफ़र सऊदी अरबिया पर रियासती हज कमेटी की टाऱाफ से जो रक़म ख़र्च की जा रही है, वो उन से वापिस वसूल की जाएगी।

दरख़ास्त फ़ार्म और तफ़सीलात दफ़्तर हज कमेटी वाक़्येए हज हाउस नामपली, हैदराबाद (फ़ोन नंबर 040-23298793 )से हासिल की जा सकती हैं। दरख़ास्त फ़ार्म तेलंगाना स्टेट हज कमेटी की वैब साईट www.telanganastatehajcommittee.com से भी डाउन लोड किए जा सकते हैं। दरख़ास्तें तमाम ज़रूरी दस्तावेज़ात मुंसलिक करते हुए दफ़्तर हज कमेटी में दाख़िल की जाएं।

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