Wednesday , July 18 2018

ख़ान्गी स्कूल्स में कुतुब और यूनीफार्म के नाम पर मनमानी लूट मार

शहर के ख़ान्गी स्कूलों में किताबों और यूनीफार्म की फ़रोख़्त के ज़रीए स्कूल इंतेज़ामीया भारी आमदनी हासिल कर रहे हैं और कई स्कूलों में मनमानी कुतुब बच्चों के तालीमी निसाब में शामिल की जा रही हैं। जिस पर महकमा तालीम का कोई कंट्रोल नही

शहर के ख़ान्गी स्कूलों में किताबों और यूनीफार्म की फ़रोख़्त के ज़रीए स्कूल इंतेज़ामीया भारी आमदनी हासिल कर रहे हैं और कई स्कूलों में मनमानी कुतुब बच्चों के तालीमी निसाब में शामिल की जा रही हैं। जिस पर महकमा तालीम का कोई कंट्रोल नहीं है।

हुकूमत की अदम तवज्जही और ज़िला इंतेज़ामीया की ख़ामूशी के बाइस नाशिरीन निसाबी कुतुब और ख़ान्गी तालीमी इदाराजात दोनों ही अवाम पर बोझ आइद करने में मसरूफ़ हैं लेकिन उन के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए ज़िला एजूकेशनल ऑफीसर या महकमा तालीम के पास कोई मोअस्सर मेकानिज़्म नहीं है जिस के सबब ख़ान्गी स्कूल इंतेज़ामीया की मनमानी का सिलसिला जारी है।

गुज़िश्ता कई बरसों से स्कूल के ज़रीए निसाबी कुतुब की फ़रोख़्त के काउंटर्स का निज़ाम चल रहा है और स्कूलों में ऐसे निसाब को शामिल किया जाने लगा है जो किसी और जगह दस्तयाब ना हो।

नाशिरीन स्कूल इंतेज़ामीया को पुरकशिश तरग़ीबात के ज़रीए अपनी कुतुब निसाब में शामिल करने के लिए राज़ी करते हैं और इस मक़सद के हुसूल के लिए 25 ता 35 फ़ीसद तक कमीशन भी दिया जाता है और ये बोझ रास्त तलबा और औलियाए तलबा पर आइद होने लगता है।

रियासत के बेशतर अज़ला में स्कूल इंतेज़ामीया इस स्कीम से इस्तिफ़ादा हासिल कर रहे हैं और औलियाए तलबा पर बोझ में इज़ाफ़ा का बाइस बन रहे हैं। ज़िला इंतेज़ामीया और महकमा तालीम की जानिब से हरकत में आते हुए औलियाए तलबा पर आइद किए जा रहे हैं इज़ाफ़ी बोझ को दूर करने के इक़दामात नागुज़ीर हैं चूँकि स्कूलों में जारी इस तरह की तिजारती सरगर्मीयों से औलियाए तलबा आजिज़ आ चुके हैं।

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