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ख़ालिद की मौत को भी बटला हाउस एनकाउंटर की तरह उलझाया जा रहा है

लखनऊ, 04 जून: (सियासत न्यूज़) फ़ैज़ाबाद , वाराणसी, लखनऊ की ज़िला कचहरी में 23 नवंबर 2007 को हुए बम धमाके के एक मुबय्यना मुल्ज़िम मौलाना ख़ालिद मुजाहिद की 18 मई को पुलिस हिरासत में हुई पुरासरार मौत क़त्ल का मुआमला रोज़ बरोज़ पेचीदा से पेचीदा तर होत

लखनऊ, 04 जून: (सियासत न्यूज़) फ़ैज़ाबाद , वाराणसी, लखनऊ की ज़िला कचहरी में 23 नवंबर 2007 को हुए बम धमाके के एक मुबय्यना मुल्ज़िम मौलाना ख़ालिद मुजाहिद की 18 मई को पुलिस हिरासत में हुई पुरासरार मौत क़त्ल का मुआमला रोज़ बरोज़ पेचीदा से पेचीदा तर होता जा रहा है ।

हुक्मराँ जमाअत से लेकर हिज़्ब-ए-मुखालिफ़ तक इस मुआमले को अपने हक़ में भुनाने में जुटी हुई है । मौलाना ख़ालिद मुजाहिद की पुलिस हिरासत में हुई मौत को नई दिल्ली में सितंबर 2008 को बटला हाऊस पुलिस एनकाउंटर जिस में आज़मगढ़ के दो मुस्लिम नौजवान आतिफ़ और साजिद को नई दिल्ली में ख़तरनाक दहशतगर्द बनाकर फ़र्ज़ी तसादुम की कहानी गढ़ कर इन दोनों को मौत के घाट उतार दिया था और कई अफ़राद ज़ख़्मी हुए थे ।

बाटला हाऊस फ़र्ज़ी तसादुम को पुलिस सही साबित नहीं कर सकी। हुकूमत ने इस पर पर्दा डालने के लिए ना तो सी बी आई की जांच कराई और ना ही उसकी कोई ठोस जांच कराई । बटला हाऊस तसादुम की गूंज महीनों तक मुल्क में सुनाई देती रही। तमाम तरह की एहतिजाजी तहरीकें हुईं लेकिन नई दिल्ली की शीला शीला दिक्षित ने बटला हाऊस तसादुम की आला सतही जुडेशियल तहकीकात नहीं कराई।

शीला दिक्षित हुकूमत ने आतिफ़ और साजिद को ख़तरनाक दहशतगर्द ही माना। इस तरह से अब मौलाना ख़ालिद मुजाहिद के मुआमले को शायद मौलाना ख़ालिद मुजाहिद की मौत का हक़ीक़ी राज़ फ़ाश हो। रियासत की अखिलेश यादव हुकूमत ने 19 मई को ही इसकी सी बी आई से जांच कराने की मर्कज़ी वज़ारत-ए-दाख़िला से सिफ़ारिश कर दी लेकिन रियासती हुकूमत ने सी बी आई की जांच के लिए इब्तिदाई ज़रूरी काग़ज़ात यानी एफ आई आर की कापी तक अभी मर्कज़ी वज़ारत-ए-दाख़िला को फ़राहम नहीं कराई है ।

बगैर एफ आई आर देखे सी बी आई की जांच के अहकाम दीए ही नहीं जा सकते हैं। रियासत की अखिलेश यादव हुकूमत ने इस मुआमला की फ़िलफ़ौर जुडीशियल इंक्वायरी और एडमिनिस्ट्रेटिव इंक्वायरी के अहकाम दीए ।

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