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ख़िदमत-ए-ख्ल्क़ पर अल्लाह की मदद का मुज़्दा

भैंसा, १४ जनवरी, ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) मुहसिन इंसानियत ई ने फ़रमाया कि मुस्लमान!

भैंसा, १४ जनवरी, ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) मुहसिन इंसानियत ई ने फ़रमाया कि मुस्लमान! मुस्लमान का भाई है, वो उस की मदद करे। दीन इस्लाम हमें ये तालीम देता है कि मुस्लमानों को एक दूसरे से ख़ैर ख़्वाही, मुहब्बत और बाहमी हमदर्दी रखना चाहिये। फ़रमाया नबी अकरम ( स० अ० व०) ने कि जब तक बंदा अपनी किसी भाई की मदद में लगा रहता है अल्लाह उस की मदद करता है।

मौजूदा मुआशरा में हमारे इर्द गिर्द कई अफ़राद ऐसे हैं जो हमारी मदद के मुस्तहिक़ हैं, जो बेसहारा मजबूर और मुफ़लिस हैं। ऐसे अफ़राद की बलालहाज़ मज़हब-ओ-मिल्लत मदद करना हमारा दीनी फ़रीज़ा होने के साथ साथ ख़ुदा से क़ुरबत का बेहतरीन ज़रीया भी है।

नबी करीम ( स० अ० व०) ने फ़रमाया रोज़ क़ियामत अल्लाह रब्बुल् इज़्ज़त बनी आदम से सवाल करेगा कि ऐ बनी आदम ! में भूका था लेकिन तूने मेरी भूक नहीं मिटाई, बनी आदम कहेगा कि ऐ परवर दिगार तू तो सारे जँहा का पालने वाला है भला तो कैसे भूका रह सकता है। ख़ुदा फ़रमाएगा कि तेरे पड़ोस में तेरा भाई भूका था तो ने इस की भूक नहीं मिटाई, अगर तो इस की भूक मिटाने वहां जाता तो मुझे पा लेता ।

इन ख़्यालात का इज़हार अमीर मुक़ामी भैंसा ने अपने ख़िताब में किया। शोबा ख़िदमत-ए-ख़लक़ जमात-ए-इस्लामी भैंसा की जानिब से गरबा-ए-में ब्लैंकेट्स की तक़सीम-ए-अमल में लाई गई। इस मौक़ा पर कारकुनान से मुख़ातब करते हुए बिरादर सैयद ख़लील अख़तर ने कहा कि शहर भैंसा के सल्म इलाक़ों का सर्वे करते हुए मुस्तहक़्क़ीन तक ब्लैंकेट्स पहुंचाई जाए।

बिलख़सूस उन अफ़राद तक रसाई हासिल की जाय जो शदीद मौसमी हालात में सड़कों और चौराहों पर बेसहारा ज़िंदगी बसर करने पर मजबूर हैं।इस मौक़ा पर ज़िम्मा दारान शोबा ख़िदमत-ए-ख़लक़ ने अहल स्रोत अफ़राद से इस ख़ाहिश का इज़हार किया कि ख़िदमत-ए-ख़लक़ के कामों में फ़राख़दिली से तआवुन करें।

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