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ख़ुशगवार अज़दवाजी ज़िंदगी के लिए ईसार-ओ-मुफ़ाहमत की ज़रूरत

हैदराबाद 11 फ़बरोरी: अक़्दे सानी के लिए रिश्ते तए करने के सिलसिले में आज इम्पीरियल गार्डन (टोली चौकी) में मुनाक़िदा दू ब दू मुलाक़ात प्रोग्राम में हज़ारों की तादाद में वालदैन-ओ-सरपरस्तों ने शिरकत की और बेपनाह जोश-ओ-ख़ुरोश का मुज़ाहरा कि

हैदराबाद 11 फ़बरोरी: अक़्दे सानी के लिए रिश्ते तए करने के सिलसिले में आज इम्पीरियल गार्डन (टोली चौकी) में मुनाक़िदा दू ब दू मुलाक़ात प्रोग्राम में हज़ारों की तादाद में वालदैन-ओ-सरपरस्तों ने शिरकत की और बेपनाह जोश-ओ-ख़ुरोश का मुज़ाहरा किया । इदारा सियासत-ओ-माइनॉरिटीज डीवलपमनट फ़ोर्म के ज़ेर-ए‍एहतेमाम अक़्दे सानी के लिए ये दूसरा प्रोग्राम मुनाक़िद हुआ ।

क़ब्ल अज़ीं दफ़्तर सियासत में पहला प्रोग्राम निहायत कामयाबी के साथ अंजाम पाया था । दूसरे दू ब दू प्रोग्राम में तक़रीबन 3000 से ज़ाइद वालदैन-ओ-सरपरस्तों ने शिरकत की । जिन में हैदराबाद के अलावा अज़ला से भी 7 वालदैन-ओ-सरपरस्त शामिल हैं रजिस्ट्रेशन काव‌नटरस पर लड़कों के 92 और लड़कीयों के 127 रजिस्ट्रेशन करवाए गए ।

इब्तिदा-ए-में दू ब दू प्रोग्राम के सिलसिले में जलसा मुनाक़िद हुआ जिस की सदारत आबिद सिद्दीक़ी सदर इस्लाह मुआशरा कमेटी ने की । मौलाना मीर क़ुतुब उद्दीन अली चिशती बानी-ओ-मुहतमिम जामिआ अनवार अलहदा किशन बाग़ ने बहैसीयत मेहमान ख़ुसूसी शिरकत की ।

उन्हों ने मुसलमानों को तलक़ीन की के वो अपनी ज़िंदगीयों में अल्लाह के अहकाम और हुज़ूर(PBUH) की तालीमात को जारी-ओ-सारी करें । उन्हों ने कहा कि निकाह निस्फ़ ईमान और एक समाजी ज़रूरत भी है ज़रूरत इस बात की है कि हम निकाह की एहमीयत और इस के तक़ाज़ों को पूरा करें ।

उन्हों ने इदारा सियासत-ओ-माइनॉरिटीज डीवलपमनट फ़ोर्म की कोशिशों को वक़्त की ज़रूरत क़रार देते हुए कहा कि ये काम भी इबादत से कम नहीं है ।

मौलाना चिशती ने इस बात पर अफ़सोस का इज़हार किया कि मुसलमानों में तलाक़ और खुला के वाक़ियात में इज़ाफ़ा होता जा रहा है जिस से मुआशरे में कई बुराईयां ज़ोर पकड़रही हैं । उन्होंने मज़ीद कहा कि शादीशुदा ज़िंदगी में मुफ़ाहमत ईसार और सब्र बुनियादी अहमियत रखते हैं इसी तरह एक कामयाब ज़िंदगी गुज़ारना मुम्किन है ।

मुस्तफा परवेज़ माहिर पर्सनालिटी डीवलपमनट ने वालदैन-ओ-सरपरस्तों से ख़ाहिश की के वो रिश्ते तए करने के सिलसिले में दुनयवी तक़ाज़ों को भी पूरा करें और मयार इंतिख़ाब को इस्लामी तालीमात का आईना-ए-दार बनाईं। मुहम्मद जाफ़र आर्म्स ग्रुप आफ़ कंपनीज़ ने बतौर एज़ाज़ी मेहमान शिरकत की ।

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