Monday , December 18 2017

ग़ाज़ा की तामीरे नव सुस्त रफ़्तार क्यों?

इसराईल और फ़लस्तीन के दरमयान 50 दिन तक जारी रहने वाली लड़ाई में ग़ाज़ा की हज़ारों इमारतें तबाह और बर्बाद हो गईं और इन में से एक भी तबाह शूदा इमारत दोबारा तामीर नहीं की गई।

इसराईल और फ़लस्तीन के दरमयान 50 दिन तक जारी रहने वाली लड़ाई में ग़ाज़ा की हज़ारों इमारतें तबाह और बर्बाद हो गईं और इन में से एक भी तबाह शूदा इमारत दोबारा तामीर नहीं की गई।

इसराईल और मिस्र ने सरहदी आबादी पर सख़्त पाबंदीयां आइद की हुई हैं जिस की वजह से तामीरे नव के लिए की जाने वाली कोशिशें मुतास्सिर होती है। दोनों ममालिक का कहना है कि ये पाबंदीयां सेक्युरिटी की ज़रूरत हैं।

अगर्चे अक़्वामे मुत्तहदा ने ग़ाज़ा में इमारतों के तामीराती साज़ो सामान की दरामद के लिए एक मुआहिदा करवाया था इस के बावजूद वहां पर तरक़्क़ी की रफ़्तार बहुत सुस्त है। ग़ाज़ा में एक लाख फ़लस्तीनी अब भी बेघर हैं।

इस्लामी तंज़ीम हम्मास के सन 2007 में ग़ाज़ा में इक़्तेदार में आने के बाद फ़लस्तीन और इसराईल के दरमयान अब तक तीन बड़ी जंगें हो चुकी हैं ताहम सन 2014 में होने वाली लड़ाई अब तक की सब से ख़ूनी लड़ाई थी।

TOPPOPULARRECENT