Tuesday , December 12 2017

ग़ाज़ा में पानी की क़िल्लत बारिश ना होने से और शदीद हो गई

हज़ारों फ़लस्तीनी पानी की क़िल्लत की वजह से नहाने के लिए काफ़ी पानी हासिल नहीं कर सकते जिस की वजह से उन्हें एक एक माह तक नहाने का मौक़ा नहीं मिलता।

हज़ारों फ़लस्तीनी पानी की क़िल्लत की वजह से नहाने के लिए काफ़ी पानी हासिल नहीं कर सकते जिस की वजह से उन्हें एक एक माह तक नहाने का मौक़ा नहीं मिलता।

शदीद गर्मी जिस में दर्जा हरारत 34 दर्जा सेल्सियस हो गया है, 2 लाख 18 हज़ार पनाह गूज़ीन अक़वामे मुत्तहिदा के ज़ेरे इंतेज़ाम 87 स्कूल्स में पनाह गूज़ीन हैं ताकि इसराईल और हम्मास की जंग का शिकार होने से बच सकें जिस का आग़ाज़ 8 जुलाई को हुआ। पानी नहीं है, बैतुल ख़ुला इंतिहाई गंदे हो चुके हैं, ज़िंदगी मसाइब का शिकार है।

तकरीबन 50 अफ़राद बाशमोल बच्चे इसराईल की बमबारी से बचने के लिए अपने मकानों से फ़रार हो गए थे, उन्हें अब पानी हासिल करने के लिए रोज़ाना जद्दो जहद का सामना है।

हम्मास ज़ेरे क़ब्ज़ा इलाक़ा में इसराईल की नाका बंदी 2006 से जारी है। अमरीका के बामूजिब 3 लाख 65 हज़ार फ़लस्तीनी ग़ाज़ा में बेघर हो चुके हैं। हम्मामों में भी पानी नहीं है। वो इतने गंदे हो गए हैं कि कोई अंदर दाख़िल भी नहीं हो सकता।

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