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ग़िज़ाई अनाज‌ की कीमत में इज़ाफे से इफ़रात-ए-ज़र पर दबाव‌: आर बी आई

रिज़र्व बैंक की जूं की तूं हालत बैरूनी अनासिर के ज़ेर असर : रंगाराजन

रिज़र्व बैंक की जूं की तूं हालत बैरूनी अनासिर के ज़ेर असर : रंगाराजन
rमुंबई नई दिल्ली । 18 । जून (पी टी आई) कीमतों की सूरत-ए-हाल पर इज़हार तशवीश करते हुए आर बी आई ने कहा कि महंगी ग़िज़ाई अनाज जैसे ग़िज़ाई अनाज‌ और तरकारियां बहैसियत मजमूई इफरात-ए-ज़र की शरह पर दबाव‌ डाल रही हैं। गवर्नर आर बी आई डी सुब्बह राव‌ ने वस्त सहि माही जायज़े में जो मालीयाती पॉलीसी का था, कहा कि ग़िज़ाई इफरात-ए-ज़र हनूज़ बुलंद सतह पर है।

खासतौर पर ग़िज़ाई अनाज‌ और तरकारियों की कीमतें अब भी ज़्यादा हैं और उनके मुस्तक़िल इज़ाफे की वजह से बहैसियत मजमूई इफरात-ए-ज़र पर दबाव‌ पढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक ग़िज़ाई इफरात-ए-ज़र बरक़रार रहेगा, आर बी आई की मृतकज़ कोशिशें मुतास्सिर होती रहेंगी।

उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि जारीया साल अच्छी बारिश होगी जिस से ग़िज़ाई अनाज‌ की कीमतों में कमी पैदा होगी। सुबह राव‌ ने कहा कि गुज़िश्ता साल रबीआ की फ़सल अच्छी हुई थी और जारीया साल भी ताहाल बारिश अच्छी होरही है चुनांचे पैदावार के बेहतर इमकानात हैं।

नई दिल्ली से मौसूला इत्तिला के बमूजब वज़ीर-ए-आज़म की मआशी मुशावरती कौंसल के सदर नशीन सी रंगा राजन ने कहा कि सूद की शरहों की जूं की तूं हालत बरक़रार रखने का रिज़र्व बैंक का फैसला बैरूनी शोबे के ज़ेर असर और पेशे नज़र किया गया है । खासतौर पर करंट अकाउंट ख़सारे में इज़ाफ़ा बैंक के पेशे नज़र है।

उन्होंने आर बी आई की पॉलीसी के ऐलान के बाद रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि उन के ख़्याल में ये बेशक एक मुश्किल फैसला था । आर बी आई ने एक मुहतात मौक़िफ़ इख़तियार किया है ।ये फैसला बड़ी हद तक ख़ारिजी शोबा के पेश नज़र और इस के ज़ेर असर किया गया है। करंट अकाउंट का ख़सारा बुलंद है और हाल ही में रुपय पर दबाव‌ पड़ा है, एसा मालूम होता है कि आर बी आई के ये मौक़िफ़ इख़तियार करने पर इस अंसर का भी बहुत ज़्यादा असर मुरत्तिब हुआ है।

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