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ग़िज़ाई तमानियत आर्डीनेंस पर सदर जमहूरिया की दस्तख़त

नई दिल्ली 6 जुलाई (पी टी आई) सदर जमहूरिया प्रणब मुखर्जी ने आज ग़िज़ाई तमानियत(खाद्य सुरक्षा) आर्डीनेंसपर दस्तख़त करदिए, जिसके साथ ही मुल्क की दो तिहाई आबादी को ग़ैरमामूली सब्सीडी के साथ एक से तीन रुपये किलो की क़ीमत पर माहाना पाँच कि

नई दिल्ली 6 जुलाई (पी टी आई) सदर जमहूरिया प्रणब मुखर्जी ने आज ग़िज़ाई तमानियत(खाद्य सुरक्षा) आर्डीनेंसपर दस्तख़त करदिए, जिसके साथ ही मुल्क की दो तिहाई आबादी को ग़ैरमामूली सब्सीडी के साथ एक से तीन रुपये किलो की क़ीमत पर माहाना पाँच किलो अजनास ख़रीदने का हक़ हासिल होगया है।

प्रणब मुखर्जी ने आज इस आर्डीनेंस पर दस्तख़त किए जो कल रात सदारती सेक्रेटरियेट को मौसूल हुआ था, जिसके साथ ही इन क़ियास आराईयों का ख़ातमा भी होगया कि वो (सदर) इस आर्डीनेंसकी मौजूदा शक्ल पर बी जे पी, बाएं बाज़ू महाज़ और चंद दूसरी जमातों के ज़ाहिर करदा ज़हनी तहफ़्फुज़ात के पेशे नज़र जलद मंज़ूरी नहीं देंगे। यू पी ए हुकूमत का ये ग़िज़ाई तमानीयत प्रोग्राम दुनिया भर में सब से बड़ा ग़िज़ाई प्रोग्राम होगा जिस पर सालाना एक लाख 25 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च किए जाऐंगे ताकि मुलक की 67 फ़ीसद आबादी को गेहूं और दीगर अजनास सरबराह किए जाऐंगे। काबीना ने गुज़शता माह चंद इख़तिलाफ़ात के सबब इस बिल पर आर्डीनेंस की इजराई को रोक दिया था, लेकिन चहारशंबा को काबीना ने आर्डीनेंस मंज़ूर किया, जिसके साथ ही ग़िज़ाई तमानीयत बिल पर अमल आवरी की राह हमवार होगई।

पारलीमानी मानसून इजलास के आग़ाज़ से चंद हफ़्ता क़ब्ल ये आर्डीनेंस मंज़ूर किया गया है अगरचे सयासी जमातों ने इस बिल की मंज़ूरी से क़बल पार्लियामेंट के दोनों ऐवानों में बेहस का मुतालिबा किया था। यू पी ए हुकूमत की बाहर से ताईद करनेवाली एक अहम जमात समाजवादी पार्टी ने आर्डीनैंस की इजराई की सख़्त मुज़म्मत की और इस अमल को ग़ैर जमहूरी क़रार देते हुए कहा कि इस प्रोग्राम से ग़िज़ाई पैदावार और अजनास की फ़रोख़त पर मबनी मईशत मुतास्सिर होगी।

इस आर्डीनेंस के तहत ग़रीब तबक़े से ताल्लुक़ रखने वाले 67 फ़ीसद अवाम को तीन, दो और एक रुपये फ़ी केलो की क़ीमत पर चावल, गेहूं और दालें ख़रीदने का मौक़ा हासिल होगा। ग़रीबी से नीचे की सतह पर ज़िंदगी बसर करने वाले 2.43 करोड़ ख़ानदान अवामी निज़ाम तक़सीम के अंतेवदा अन्न योजना के तहत बदस्तूर 35 केलो ग़िज़ाई अजनास माहाना हासिल करते रहेंगे और इस सरबराही को क़ानूनी मौक़िफ़ हासिल हो जाएगा।

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