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ग़िज़ाई तमानीयत बिल को यू पी ए की राबिता कमेटी में क़तईयत

नई दिल्ली 4 जून ( एजैंसीज़ ) यू पी ए की राबिता कमेटी का एक इजलास मुनाक़िद किया जा रहा है ताकि ग़िज़ाई तमानीयत बिल को क़तईयत दी जा सके । ये फ़ैसला हफ़्ते के दिन कांग्रेस के कोर ग्रुप के इजलास में किया गया जो वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह की क़ियामगाह

नई दिल्ली 4 जून ( एजैंसीज़ ) यू पी ए की राबिता कमेटी का एक इजलास मुनाक़िद किया जा रहा है ताकि ग़िज़ाई तमानीयत बिल को क़तईयत दी जा सके । ये फ़ैसला हफ़्ते के दिन कांग्रेस के कोर ग्रुप के इजलास में किया गया जो वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह की क़ियामगाह पर मुनाक़िद किया गया था ।

यू पी ए हुकूमत के पास ग़िज़ाई तमानीयत बिल को पार्लियामेंट का ख़ुसूसी इजलास तलब करते हुए मंज़ूर करवाने या सदारती आर्डीनैंस या इंतेज़ामी हुक्मनामा जारी करने के अलावा कोई और मुतबादिल मौजूद नहीं है । इजलास में सदर कांग्रेस सोनीया गांधी ,वज़ीर-ए-आज़म डाँक्टर मनमोहन सिंह भी मौजूद थे ।

दीगर मर्कज़ी क़ाइदीन ने अहमद पटेल ,ए के अनटोनी ,पी चिदम़्बरम ,सुशील कुमार शिंदे भी इजलास में मौजूद थे । मर्कज़ी वज़ीर अग़्ज़िया की वे थॉमस और कांग्रेस के इंचार्ज बराए आंध्र प्रदेश ग़ुलाम नबी आज़ाद इजलास के ख़ुसूसी मदाओईन थे । क़ौमी ग़िज़ाई सयान्ती बिल 2011 दुनिया का वसीअ तरीन तजुर्बा समझा जाता है जिस के तहत ग़रीबों को ग़िज़ाई तमानीयत यक़ीनी बनाई जा रही है ये सदर कांग्रेस सोनीया गांधी का कलीदी प्रोजेक्ट है ।

ये उम्मीद की जाती है कि ये प्रोग्राम देही घरानों की 75 फ़ीसद और शहरी घरानों की 50 फ़ीसद तादाद की ज़रूरीयात की तकमील करेगा । ये बिल तमाम मुस्तहिक़ घरानों की आम और तरजीही दो ज़मरों में ज़मुरा बंदी करेगा । देही घरानों की कम अज़ कम 46 फ़ीसद और शहरी घरानों की 28 फ़ीसद तादाद को तरजीही ज़मुरा में शामिल किया जाएगा ।

हर शख़्स जो तरजीही घराने के ज़मुरा में शामिल होगा उसे माहाना 7 किलोग्राम ग़िज़ाई अजनास जो चावल,गययों और मोटे ग़िज़ाई अजनास पर मुश्तमिल होंगे फ़राहम किए जाऐंगे ।चावल तीन रुपय ,गेहूं दो रुपय और मोटे ग़िज़ाई अनाज‌ एक रुपया फ़ी किलोग्राम फ़ी शरह पर फ़राहम कीं जाएंगी । ये शरह अक़ल्लतरीन इमदादी क़ीमत की 50 फ़ीसद से तजावीज़ नहीं करेगी ।

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