Tuesday , December 19 2017

ग़ैर मौसमी बारिश माहौलियात में तबदीली का नतीजा

हिंदुस्तान की कई रियासतों में ग़ैर मौसमी बारिश माहौलियात में तबदीली का नतीजा है। आने वाले दिनों में इस तरह के मौसम होने की क़ियास आराई करते हुए माहौलियाती साईंसदानों ने ख़बरदार किया हैके पिछ्ले दिनों मूसलाधार बारिश और से आंध्र प्

हिंदुस्तान की कई रियासतों में ग़ैर मौसमी बारिश माहौलियात में तबदीली का नतीजा है। आने वाले दिनों में इस तरह के मौसम होने की क़ियास आराई करते हुए माहौलियाती साईंसदानों ने ख़बरदार किया हैके पिछ्ले दिनों मूसलाधार बारिश और से आंध्र प्रदेश में 10 अफ़राद हलाक और कई एकऱ् पर फैली खड़ी फ़सलें तबाह होगईं।

इस के अलावा कर्नाटक और महाराष्ट्रा में भी यही सूरते हाल रही। माहौलियात की तबदीली के तहत बदलते मौसम से कई संगीन वाक़ियात रौनुमा होंगे।

मंगलोर में माहौलियाती तबदीली का जायज़ा लेने वाले मर्कज़ के साईंसदाँ जी बाला ने कहा कि माहिरीन मौसमियात इस अचानक होने वाली बारिश का अंदाज़ा करने से नाकाम रहे हैं।

मयारी तजज़िया के आलात की अदमे मौजूदगी ने महकमा-ए-मौसीमीयत के ओहदेदारों को हैदराबाद जैसे मुक़ामात पर मार्च के अवाइल में ग़ैर मौसमी मूसलाधार बारिश से परेशानी का सामना करना पड़ा है।

इस बारिश ने वर्ंगल, कर्नाटक में बीदर, महाराष्ट्रा में नासिक और औरंगाबाद के कई इलाक़ों में लाखों एकऱ् पर फैली खड़ी फसलों को तबाह कर दिया है। साईंसदानों ने पेश क़ियासी की हैके मौसम में तबदीली की वजह से बारिश के दिनों में कम बारिश का इमकान है। इस से कई इलाक़ों में ख़ुशकसाली भी होसकती है।

इस लिए रियासतों को चाहीए कि फ़ौरी वो माईक्रो सतह के मौसमी जायज़ा लेने वाले आलात हासिल करें ताकि इमकानी ख़तरात का पहले से ही अंदाज़ा किया जा सके।

माहौलियाती तबदीली से मुताल्लिक़ मालूमात हासिल करना निहायत ज़रूरी है। सियासतदानों और पालिसी साज़ों को उन मालूमात से आगाह होना चाहीए। सिर्फ़ इत्तेला रखने और माहौलियाती तबदीली से निमटने के लिए मंसूबे बनाने से कुछ नहीं होगा। साईंसी बुनियादों पर मयारी तबदीलीयों की ज़रूरत है।

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