Wednesday , January 17 2018

ज़ईफ़ ऑटो ड्राईवर की फ़लाही ख़िदमात

आरमोर मुस्तक़र सईदाबाद कॉलोनी से ताल्लुक़ रखने वाले समाजी कारकुन अबुलहसन जिन की उम्र 80 साल बाई गई वो एक ऑटो ड्राईवर हैं। वो ऑटो के ज़रीये ज़ईफ़ माज़ूर लोगों की मदद करते हुए उन्हें अपनी मंज़िल तक पहूँचाते हैं।

आरमोर मुस्तक़र सईदाबाद कॉलोनी से ताल्लुक़ रखने वाले समाजी कारकुन अबुलहसन जिन की उम्र 80 साल बाई गई वो एक ऑटो ड्राईवर हैं। वो ऑटो के ज़रीये ज़ईफ़ माज़ूर लोगों की मदद करते हुए उन्हें अपनी मंज़िल तक पहूँचाते हैं।

वो अपने साथ एक पेट्रोल की बोतल रखते हैं ताके किसी मुसाफ़िर की गाड़ी में पेट्रोल ख़त्म होजाए तो उसकी मदद की जा सके वो हर साल नुमायां कामयाब होने वाले तलबा ओ तालिबात की हिम्मतअफ़्ज़ाई के लिए रुकमी इनामात भी देते हैं।

ग़रीब तलबा को मुफ़्त कापियों की तक़सीम भी करते हैं। अपने ऑटो के ज़रीये जून के माह में तालीमी बेदारी मुहिम भी चलाते हुए तालीम की एहमीयत पर तक़ारीर करते हैं।

किसी भूके ग़रीब आदमी को मकान लाकर पेट भरकर खाना खिलाना उन के रोज़ाना का मामूल है। हर माह हुकूमत की तरफ से आए हुए राशन के चावल वग़ैरा को किसी ग़रीब ख़ानदान को दे देते हैं। अपने ऑटो में मुख़्तलिफ़ बयानर के ज़रीये बराए मीटाओ मुहिम शादी को आसान बनाव‌ मुहिम चला रहे हैं।

तक़रीबन 10 साल के अर्सा से मौसिमे गर्मा में अपने ऑटो में पानी रख कर अवाम को पिलाना भी इन का मामूल है। इस तरह हाल ही में उन्होंने अपने मकान के रूबरू एक पानी का बोर अपना ज़ाती ख़र्च से डलवाकर पड़ोसीयों को पानी दे रहे हैं क्युंकि उनके पड़ोस में पानी की क़िल्लत है और इस पानी के बोर के ज़रीये उनके मकान के क़रीब वाक्ये मस्जिद आमेना को पानी दे रहे हैं ताके मुस्लियों को सहूलत हो।

इस तरह कई कामों के ज़रीये वो अवाम को सहूलतें पहूँचा रहे हैं। इस ख़िदमत को देखते हुए कई तंज़ीमों ने उन्हें एवार्ड-ओ-तहनियत से नवाज़ा है। इस तरह वो आरमोर में आरमोर गांधी के लक़ब से मशहूर हैं।

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