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ज़राअत, बाग़बानी, सयाहत और आई टी में रोज़गार के मवाक़े: उमर अबदुल्लाह

श्रीनगर, ०९ दिसम्बर: ( पी टी आई) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अबदुल्लाह ने रियासत के नौजवानों को मश्वरा दिया कि वो अपने लिए रोज़गार के ज़राए ख़ुद पैदा करें क्योंकि अगर बेरोज़गारी को शिकस्त देना है कि हमें किसी पर इन्हिसार करने की ज़रू

श्रीनगर, ०९ दिसम्बर: ( पी टी आई) वज़ीर-ए-आला जम्मू-ओ-कश्मीर उमर अबदुल्लाह ने रियासत के नौजवानों को मश्वरा दिया कि वो अपने लिए रोज़गार के ज़राए ख़ुद पैदा करें क्योंकि अगर बेरोज़गारी को शिकस्त देना है कि हमें किसी पर इन्हिसार करने की ज़रूरत नहीं है बल्कि ख़ुद रोज़गार से मरबूत होना चाहिये।

दुनिया में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।iginity of Labour को जो समझ गया इस के लिए रोज़गार हासिल करना या शुरू करना कभी मुश्किल नहीं हो सकता। इस सिलसिला में माईक्रो, इस्माल और मीडियम तर्ज़ की तिजारतें नौजवानों को मुतअद्दिद मवाक़े फ़राहम करती हैं।

यहां से 14 KM दूर पामपोर में जम्मू-ओ-कश्मीर एंटरपरेनरशिप डीवलपमनट इंस्टीटियूटJKEDI) में 14.60 करोड़ रुपय के मसारिफ़ से तामीर होने वाले हॉस्टल का संग-ए-बुनियाद रखने के बाद उन्हों ने ये बात कही।अपनी बात की मज़ीद वज़ाहत करते हुए उन्हों ने कहा कि ज़राअत, बाग़बानी, सयाहत, आई टी और दीगर सेक्टर्स में नौजवानों केलिए मवाक़े भरे पड़े हैं और नौजवानों की ख़ुशहाली रियासत की ख़ुशहाली के मुतरादिफ़ हैं।

इस मौक़ा पर वज़ीर-ए-आला ने शेर कश्मीर इम्पलाइमैंट ऐंड वीलफ़ीर प्रोग्राम बराए नौजवान जैसे एक प्रोग्राम का भी हवाला दिया और कहा कि हुकूमत मुक़ामी अफ़राद केलिए मुंदरजा बाला सेक्टर्स में कैरीयर बनाने केलिए मुम्किना सहूलयात फ़राहम कर रही है ताकि रियासत सनअती शोबा में मुस्तहकम हो जाये।

दूसरी तरफ़ हुकूमत रोज़गार के मवाक़े फ़राहम करने मुख़्तलिफ़ कोर्सेस भी मुतआरिफ़ कररही है जिस से रियासत के तालीम-ए-याफ़ता नौजवान इस्तिफ़ादा कररहे हैं, वहीं बेरोज़गारी का मुकम्मल तौर पर ख़ातमा नहीं होसका है और कहीं कहीं हनूज़ बोहरानी कैफ़ीयत पाई जाती है जिस केलिए हमा जहती हिक्मत-ए-अमली अपनाने की ज़रूरत है। उमर अबदुल्लाह ने कहा कि इन की हुकूमत भी इसी नौईयत की मंसूबा बंदी पर ग़ौर कररही है।

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