ज़ाब्ता एख्लाक़ की खिलाफ वर्जी मामला : जेटली को बचा ड्राइवर को बनाया बलि का बकरा

ज़ाब्ता एख्लाक़ की खिलाफ वर्जी मामला : जेटली को बचा ड्राइवर को बनाया बलि का बकरा
मरकज़ी फायनेंस वज़ीर अरुण जेटली के लालबत्ती वाली गाड़ी में भाजपा के प्रोग्राम में पहुंचने के मामले में कार ड्राइवर सुशांत पाल को मूअत्तिल कर दिया गया है। उसके खिलाफ चुटिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इल्ज़ाम है कि ज़ाब्ता एख्लाक़

मरकज़ी फायनेंस वज़ीर अरुण जेटली के लालबत्ती वाली गाड़ी में भाजपा के प्रोग्राम में पहुंचने के मामले में कार ड्राइवर सुशांत पाल को मूअत्तिल कर दिया गया है। उसके खिलाफ चुटिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इल्ज़ाम है कि ज़ाब्ता एख्लाक़ लागू होने के बावजूद ड्राइवर ने उस कार में लालबत्ती का इस्तेमाल किया, जिसमें जेटली सवार थे। यह एफआईआर बुध को प्रेम कुमार मुंडा ने दर्ज कराई है। एफआईआर में कहा गया है कि अरुण जेटली की तरफ से इस्तेमाल की गई कार में ड्राइवर ने लालबत्ती का इस्तेमाल किया। इस मामले में जांच टीम तशकील की गई। उसकी रिपोर्ट की बुनियाद पर एफआईआर दर्ज की गई। उधर, चुटिया थाने के इंस्पेक्टर इंद्रमणि चौधरी ने बताया कि यह जमानती मामला है। ड्राइवर को थाने से ही जमानत दे दी जाएगी।

गौरतलब है कि मंगल को भाजपा का ऐलान खत जारी हुआ था। इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए अरुण जेटली लालबत्ती वाली कार से गए थे। शिकायत मिलने पर रियासत के चीफ़ एलेक्शन ओहदेदार पीके जाजोरिया ने डीसी विनय चौबे को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। फिर तीन रुकनी कमेटी बनाई गई।

मरकज़ी वज़ीर अरुण जेटली की तरफ से मंगल को लालबत्ती गाड़ी का इस्तेमाल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ओपोजीशन ने इसे ज़ाब्ता एख्लाक़ के खिलाफ वर्जी का मामला बताते हुए क्लीन चिट दिए जाने पर ताज्जुब ज़हीर किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले नज़र में अरुण जेटली मुजरिम हैं। बेचारे ड्राइवर को नाहक बलि का बकरा बना दिया गया। लीडरों ने इल्ज़ाम लगाया है कि भाजपा के दबाव में आकर जिला इनेजामिया ने सारा जुर्म ड्राइवर पर मढ़ दिया है। मरकज़ी हुकूमत के इशारे पर जेटली को बचाने की कोशिश किया जा रहा है। दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि इस मामले में अरुण जेटली मुजरिम नहीं हैं, इंतेजामिया ने जो गाड़ी दस्तयाब कराई, उसी में वे बैठे। सब साजिश के तहत हो रहा है।

मरकज़ी वज़ीर जेटली खुद हैं कानून के जानकार : झामुमो

झामुमो ने इल्ज़ाम लगाया है कि फायनेंस वज़ीर अरुण जेटली को बचाते हुए ड्राइवर को बलि का बकरा बना दिया गया है। पार्टी कोर कमेटी के सेक्रेटरी विनोद पांडेय ने बुध को कहा कि जाब्त एख्लाक़ का खिलाफ वर्जी मरकज़ी फायनेंस वज़ीर ने किया, फिर ड्राइवर पर सनाह दर्ज़ करने की बात समझ से परे है। अगर ड्राइवर को ज़ाब्ता एख्लाक़ के बारे में पता नहीं था तो मरकज़ी वज़ीर खुद कानून के बड़े जानकार हैं, को तो इसका पता था, फिर वे उस कार में क्यों बैठ गए।

इंतेजामिया जिम्मेवार : अर्जुन मुंडा

लालबत्ती गाड़ी पर मरकज़ी वज़ीर अरुण जेटली के चढ़ने के मामले में ओपोजीशन के लीडर अर्जुन मुंडा ने कहा है कि उन्होंने ज़ाब्ता एख्लाक़ का कोई खिलाफ वर्जी नहीं किया। इंतेजामिया ने जो गाड़ी दस्तयाब कराई थी, उसी का जेटली ने इस्तेमाल किया। इस मामले में उन्हें और भाजपा को झूठ-मूठ का बदनाम किया जा रहा है। ऐसा एक साजिश के तहत किया जा रहा है।

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