Wednesday , July 18 2018

ज़िल्लत की ज़िंदगी से मौत बेहतर है

ग़र्बे उर्दन के इलाक़े में इसराईली फ़ौज पर चाकू से हमले करने की कोशिश में हलाक होने वाली ख़ातून ने एक ख़ुदकुश नोट छोड़ा है जिसमें लिखा है कि ज़िल्लत की ज़िंदगी से मौत बेहतर है।

इसराईली फ़ौज की गोली का निशाना बनने वाली ख़ातून ने अपने ख़ुदकुशी से पहले लिखे गए बयान में मज़ीद लिखा है कि अपने मादरे वतन की हिफ़ाज़त के लिए और फ़लस्तीनीयों की इज़्ज़त और वक़ार के लिए में ये क़दम उठा रही हूँ।

येरूशलम में मुक़ीम सहाफ़ी हरेंद्र मिश्रा ने बी-बी सी उर्दू सर्विस को बताया कि इसराईल फ़ौज के एक तर्जुमान के मुताबिक़ एक फ़लस्तीनी ख़ातून पीर को इसराईली इलाक़े में दाख़िल हुईं और उन्हें इसराईली फ़ौजी की तरफ़ से रुकने के लिए कहा गया।

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