Sunday , December 17 2017

ज़ेरे दरयाफ़त क़ैदीयों को राय दही की इजाज़त देने का मन्सूबा नहीं

नई दिल्ली:  हुकूमत ने आज कहा है कि क़ानून में तरमीम के ज़रिये ज़ेरे दरयाफ़त क़ैदीयों को राय दही की इजाज़त देने का कोई मन्सूबा नहीं है। वज़ीर-ए-क़ानून डी वी सदानंद गौड़ा ने आज लोक सभा को एक तहरीरी जवाब में बताया कि हुकूमत इस मक़सद के लिए अवामी नुमाइंदगान ऐक्ट में तरमीम का कोई मन्सूबा नहीं रखती।

जब उन से सवाल किया गया कि क्या हुकूमत ज़ेरे दरयाफ़त क़ैदीयों को राय दही का हक़ देने के लिए अवामी नुमाइंदगान ऐक्ट में तरमीम की तजवीज़ रखती है तो सदानंद गौड़ा ने जवाब में कहा कि नहीं मैडम । उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने मुतअद्दिद मर्तबा इस ऐक्ट की दफ़ा 62 की ज़ेली दफ़ा 5 के जवाज़ को बरक़रार रखा है जिसके तहत ज़ेरे दरयाफ़त क़ैदीयों के राय दही में हिस्सा लेने पर पाबंदी है।

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