Monday , December 11 2017

ज़्यादा मेक अप करनेवाली ख़वातीन दफ्तर में ना पसंदीदा

लंदन, १० जनवरी (एजैंसीज़) दफ्तर में हर तीसरा बॉस ये महसूस करता है कि इन की ख़ातून मुलाज़मीन काम के मुक़ाम पर गै़रज़रूरी तौर पर बहुत ज़्यादा मेक अप करती हैं हालाँकि इस तरह के ज़्यादा और गहरे मेक अप की दफ़्तरी माहौल में ज़रूरत ही नहीं होती।

लंदन, १० जनवरी (एजैंसीज़) दफ्तर में हर तीसरा बॉस ये महसूस करता है कि इन की ख़ातून मुलाज़मीन काम के मुक़ाम पर गै़रज़रूरी तौर पर बहुत ज़्यादा मेक अप करती हैं हालाँकि इस तरह के ज़्यादा और गहरे मेक अप की दफ़्तरी माहौल में ज़रूरत ही नहीं होती।

ऑफीसर ब्रोकर डाट काम की जानिब से इस मौज़ू पर किए गए हालिया मुताला के बाद ये रिपोर्ट शाय की गई है कि अक्सर बॉस हज़रात का कहना है कि ख़वातीन गहिरी लिपीस्टिक, आँखों पर गहरे रंग का इस्तेमाल और हद से ज़्यादा ब्लेशर का इस्तेमाल करती हैं।

सर्वे में 32 अफ़राद ने ख़ातून मुलाज़मीन की गहरे रंग की लिपीस्टिक या हद से ज़्यादा लिपीस्टिक के इस्तेमाल पर एतराज़ किया तो 28 फ़ीसद अफ़राद की राय ने ख़वातीन को हद से ज़्यादा मेक अप करने वाली मुलाज़िमा क़रार दिया, जबकि 15 फ़ीसद अफ़राद ने हद से ज़्यादा ब्लशर के इस्तेमाल को गै़रज़रूरी क़रार दिया।

सर्वे में जिन 500 से ज़ाइद मर्द और ख़ातून बॉस ने हिस्सा लिया, इन में अक्सरीयत ने कहा कि दफ़्तरी माहौल में हल्का मेक अप काफ़ी हो जाता है जिस से ना सिर्फ ख़ुद की तैयारी बल्कि काम पर तवज्जा का इलम होता है। अक्सर ने कहा कि दफ़्तर में हल्का मेकअप बेहतर है।

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