Wednesday , December 13 2017

फ़रहत ख़ां को घर पर अमलन नज़रबंद

मजलिस बचाव‌ तहरीक के उम्मीदवार हलक़ा असेंबली याक़ूतपूरा मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत को पुलिस ने अमलन नज़रबंद कर दिया।

मजलिस बचाव‌ तहरीक के उम्मीदवार हलक़ा असेंबली याक़ूतपूरा मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत को पुलिस ने अमलन नज़रबंद कर दिया।

मजीद उल्लाह ख़ां फ़रहत 25 अप्रैल बरोज़ जुमा मक्का मस्जिद में नमाज़ की अदायगी का इरादा रखने पर पुलिस ने कल शाम उन्हें हवाले करदा एक नोटिस में इस बात की ख़ाहिश की के वो सियासी मुख़ालिफ़ीन को चैलेंज के लिए मस्जिद का रुख़ ना करें चूँकि चुनाव ज़ाबता अख़लाक़ में मज़हबी मुक़ामात को सियासी तशहीर की जगह बनाने की इजाज़त नहीं है।

अस्सिटेंट कमिशनर आफ़ चारमीनार की तरफ से जारी करदा नोटिस 773/0wacp/cmnr/2014 मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत को हिदायत दी कि वो अमन-ओ-ज़बत की बरक़रारी में तआवुन करने और सियासी मुख़ालिफ़ीन को किए गए चैलेंज के लिए मुक़ाम मक्का मस्जिद ना रखें।

वाज़िह रहे कि मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत ने एक हफ़्ता पहले ओवैसी बिरादरान को मक्का मस्जिद पहुंच कर अपनी जायदाद ,औलाद और ख़ुद को मिल्लत की ख़िदमत के लिए वक़्फ़ करने के एलान का चैलेंज किया था।

पुलिस ने अपनी नोटिस में हिदायत दी हैके वो मक्का मस्जिद जाने से गुरेज़ करें ता कि नुक़्स अमन का कोई मसला पैदा ना हो और अमन की बरक़रारी को यक़ीनी बनाया जा सके।

तहरीक के उम्मीदवार ने अवाम की ख़िदमत के लिए ख़ुद को वक़्फ़ करने का पहले ही एलान कर दिया है। मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत ने पुलिस की तरफ से जारी करदा इस नोटिस पर शदीदरद अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि जिस अंदाज़ से पाबंदीयां आइद करने की कोशिश की जा रही है। इस से ये महसूस होता हैके पुलिस हक़ की आवाज़ को कुचलने की कोशिश में मसरूफ़ है।

उन्होंने बताया कि यक़ीनन वो मुल्क के हर इस क़ानून का एहतेराम करते हैं जो इंसानी हुक़ूक़ को पामाल होने से बचाता है। उन्होंने कहा कि वो किसी चुनाव मुहिम के हिस्सा के तौर पर मक्का मस्जिद नहीं जाना चाहते बल्कि मिल्लत-ए-इस्लामीया में इत्तेहाद के लिए वो मक्का मस्जिद में मैंबर रसूल से मुख़ालिफ़ीन को एलान पर इत्तेहाद को मुस्तहकम करने का एलान करने के मुतमन्नी हैं।

रात देर गए जनाब उल्लाह ख़ां फ़र्हत के मकान वाक़्ये चंचलगुडा के इलाके चुनाव दफ़्तर पर भारी पुलिस बंद-ओ-बस्त करते हुए उन्हें अमलन नज़रबंद कर दिया गया।

तहरीक के सरकरदा क़ाइदीन का एक हंगामी मीटिंग क़ायम ख़ां सदर मजलिस बचाव‌ तहरीक की सदारत में मुनाक़िद हुवी।जिस में अमजद उल्लाह ख़ां, मौलाना अजमल फ़ारूक़ी, मौलाना अबदुलक़ादिर कादरी , वहीद पाशाह ,मौलाना अल्हाज सय्यद ताहिर माजिद ख़ान , मुजतबा महमूद, अल्हाज सय्यद सलीम के अलावा दुसरे मौजूद थे।

इजलास में सदर मजलिस बचाव‌ तहरीक क़ायम ख़ां क़व्वास बात का मुकम्मिल इख़तियार दिया कि वो फ़र्हत ख़ां के चैलेंज के ताल्लुक़ से क़तई फ़ैसला करें बादअज़ां क़ायम ख़ां ने तहरीक के क़ानूनी मुशीर मुज़फ़्फ़र उल्लाह ख़ां शफ़ाअत एडवोकेट से मुशावरत के बाद इस बात का एलान किया कि मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत के चैलेंज में कोई तरमीम नहीं हुई है ये चैलेंज अपनी जगह बरक़रार है लेकिन चुनाव ज़ाबता अख़लाक़ के पेशे नज़र मक्का मस्जिद से एलान से गुरेज़ किया जाएगा।

इस मौके पर क़ानूनी मुशीर मुज़फ़्फ़र उल्लाह ख़ां ने मश्वरह दिया कि नोटिस की ख़िलाफ़वरज़ी और मक्का मस्जिद जाने पर फ़र्हत उल्लाह ख़ां की गिरफ़्तारी अमल में आसकती है और ज़मानत में चूँकि हफ़्ता और इतवार का दिन होने से मुश्किल पेश आसकती है लिहाज़ा उन्हें पीर के दिन तक इमकान है तहवील में रहना पड़ेगा जिस से चुनाव मुहिम और चुनाव अमल में मुश्किल होसकती है और इस का ग़लत असर मुरत्तिब होगा।

मजीद उल्लाह ख़ां फ़र्हत को अमलन नज़रबंद किए जाने की इत्तेला के साथ ही तहरीक के चुनाव दफ़्तर पर हज़ारों की तादाद में हलक़ा असेंबली याक़ूतपूरा-ओ-चंदरायनगुट्टा के कारकुन जमा होगए जो पुलिस के इक़दाम पर ब्रहमी का इज़हार कररहे हैके सियासी हरीफ़ जमात अपनी इमकानी शिकस्त से ख़ाइफ़ होकर दबाव के हरबे इख़तियार करना चाहती है लेकिन वो अपने साज़िशी मंसूबों में कामयाब नहीं होगी।

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