Tuesday , September 25 2018

फ़र्ज़ी एनकाउंटर : ऐनी शाहिदीन के बाज़ बयानात लापता!

इशरत जहां एनकाउंटर मुक़द्दमे में मुल्ज़िम व मुअत्तल पुलिस ओहदेदारों ने आज ख़ुसूसी अदालत को बताया कि चार्जशीट के हिस्से के तौर पर बाज़ ऐनी गवाहों के बयानात जो पेश किए गए थे वो उनकी फाईल से लापता हैं।

इशरत जहां एनकाउंटर मुक़द्दमे में मुल्ज़िम व मुअत्तल पुलिस ओहदेदारों ने आज ख़ुसूसी अदालत को बताया कि चार्जशीट के हिस्से के तौर पर बाज़ ऐनी गवाहों के बयानात जो पेश किए गए थे वो उनकी फाईल से लापता हैं।

मुअत्तल आई पी एस ओहदेदार जी एल सिंघल रिटायर्ड डी एस पी जे जी परमात मुहसिना डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पुलिस तरूण बारूत और कमांडो अनाजो चौधरी को कल अदालत में पेश किया गया। उ के वुकला ने अदालत को लापता बयानात के बारे में वाक़िफ़ करवाया। इसके बाद अदालत ने सीबीआई को हिदायत दी कि वे गुमशुदा दस्तावेज़ात की नक़ल 29 जुलाई तक मुल्ज़िमीन को पेश करें। जबकि उसी तारीख़ को आइन्दा समाअत भी होगी।

सी बी आई ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी था और गुजरात पुलिस-ओ-इंटेलिजेंस ब्यूरो ने मिलकर ये कार्रवाई की थी। सी बी आई ने मुल्ज़िमीन में 7 पुलिस ओहदेदारों को शामिल किया है। जिन्होंने 19 साला इशरत जहां, जावेद अख़तर उर्फ़ प्रणेश पिल्ले, ज़ीशान जौहर और अमजद अली राना को 2004 में अहमदाबाद के मुज़ाफ़ात में मुबय्यना एनकाउंटर में हलाक कर दिया था।

गुजरात पुलिस ने ये दावा किया था कि चारों चीफ़ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी को हलाक करने के मिशन पर थे।

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