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फ़लस्तीनियों की ताईद और मदद पर मुफ़्ती ख़लील अहमद का ज़ोर

एक ऐसे वक़्त जब आलमे इस्लाम , ख़सूसन अहले फ़लस्तीन , इराक़-ओ-शाम में मुसलमान का ख़ून बहाया जा रहा है और दुनिया की सब से बदतरीन और ग़ासिब हुकूमत इसराईल की जानिब से जिस तरह फ़लस्तीनी मुसलमान , औरतों और मासूम बच्चों का बेदर्दी से क़तल-ए-आम किया

एक ऐसे वक़्त जब आलमे इस्लाम , ख़सूसन अहले फ़लस्तीन , इराक़-ओ-शाम में मुसलमान का ख़ून बहाया जा रहा है और दुनिया की सब से बदतरीन और ग़ासिब हुकूमत इसराईल की जानिब से जिस तरह फ़लस्तीनी मुसलमान , औरतों और मासूम बच्चों का बेदर्दी से क़तल-ए-आम किया जा रहा है । इस से मुसलमानाने आलम ख़ासकर हैदराबादी मुसलमान में शदीद बेचैनी और ब्रहमी पाई जा रही है।

जिस का अंदाज़ा गुज़शता रोज़ के एहितजाजी जलूस से लगाया जा सकता है जहां मह्दीपटनम में हज़ारों मुस्लिम नौजवान इसराईली बरबरीयत के ख़िलाफ़ सड़कों पर निकल आए और पुरअमन तरीक़े से अपनी बेचैनी और ब्रहमी का इज़हार किया।

इलावा अज़ीं गुज़शता 3,4 दिनों से मुस्लिम नौजवान सोश्यल मीडीया के ज़रीया इसराईली मज़ालिम की तस्वीरें ,मज़लूम फ़लस्तीनीयों की हालत-ए-ज़ार अनकही दास्तान और इस पर नाम निहाद आलमी बिरादरी की ख़ामोशी पर तबादला-ए-ख़्याल करते नज़र आरहे हैं।

ऐसे में मुफ़क्किर ए इस्लाम शेख़ुल जिमआ जामिआ निज़ामीया हैदराबाद मुफ़्ती ख़लील अहमद ने आलमे इस्लाम के मुसलमान और सैकूलर पसंद ताक़तों पर ज़ोर दिया है कि वो इसराईली बरबरीयत के ख़िलाफ़ मज़लूम फ़लस्तीनीयों की हर तरह से मदद और तआवुन करें।

इसराईली मज़ालिम के हवाले से बात करते हुए मुफ़्ती साहब ने कहा कि आज फ़लस्तीन पर इसराईल की जो ज़ुलम-ओ-बरबरीयत है वो सब पर जाहिर है। उन्हों ने कहा कि इसराईल एक हट धर्म , ज़ालिम और लोगों के हुक़ूक़ ग़सब करने वाली रियासत बन कर वजूद में आई है और वो अपने वजूद के मक़सद को इसी तरह पूरा करना चाहती है।

मुफ़्ती साहब ने अहले इस्लाम पर ज़ोर दिया कि वो ऐसे नाज़ुक मौक़ा पर जहां तक मुम्किन होसके वो फ़लस्तीनीयों की हर लिहाज़ से ताईद और मदद करें ताकि वो अपना दिफ़ा और तैय्यारी करसकें और अपनी और अपने अहल-ओ-अयाल की हिफ़ाज़त करते हुए सुकून के साथ ज़िंदगी गुज़ार सकें।

वाज़ेह रहे कि गुज़शता 6 दिनों के दौरान तक़रीबन 200 फ़लस्तीनी मुस्लमान बशमोल ख़वातीन-ओ-बच्चे शहीद होचुके हैं।

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