Sunday , January 21 2018

फ़लाही इसकीमात से इसतेफ़ादा के लिए शऊर बेदारी ज़रूरी

फ़लाही इसकीमात से इसतेफ़ादा केलिए शऊर बेदारी ज़रूरी

फ़लाही इसकीमात से इसतेफ़ादा केलिए शऊर बेदारी ज़रूरी
रियासती हुकूमत की जानिब(तरफ) से अक़ल्लीयतों की फ़लाह-ओ-बहबूद केलिए रूबा अमल(अमल मे लाना ) लाई जा रही इसकीमात से भरपूर इसतेफ़ादा(फ़ायदा)करने और ज़िला में ग़रीब मुस्तहक़्क़ीन ख़ानदानों को ज़िला नज़म-ओ-नसक़ की जानिब(तरफ) से इंदिरा माँ मकानात फ़राहम (देना)करवाने का ज़िला कलैक्टर नलगनडा मिस्टर एन मकटीशोर राव‌ ने तीक़न (याखीं)दिया । वो उर्दू घर शादी ख़ाना में अक़ल्लीयती मालीयाती कारपोरेशन की जानिब(तरफ) से 12 इजतेमाई शादीयों की तक़रीब से बहैसीयत मेहमान ख़ुसूसी मुख़ातब थे ।

उन्हों ने नोबीहाता (नएजोड़ों )12 जोड़ों को मुबारकबाद देते हुए इन ग़रीब जोड़ों को इस्त्री निधि इस्कीम के तहत ख़ुद मुकतफ़ी बनने केलिए ज़िला नज़म‌-ओ-नसक़ से रुजू हूँ तो मुसबत(साही) इक़दामात करने का तीक़न(याखीं) दिया ।उन्हों ने अवामी नुमाइंदों पर ज़ोर दिया के हुकूमत की जानिब से रोशनास(चमक ने वाली) करदा फ़लाही तरक़्क़ीयाती इसकीमात से मुताल्लिक़ शऊर बेदार करवाते हुए भरपूर(पुरा) इसतेफ़ादा(फ़ायदा) करवाईं ।

मौलाना मुहम्मद अबदालबसीर क़ासमी रशादी ने कहा के शादी ब्याह में बेजा इसराफ़(दीखव)ओ ग़ैर ज़रूरी रस्म रिवाज से गुरेज़ (परहेज़ )करें । शादी ब्याह को नबी करीम (स०अ०व०)की बताई हुई संतों के मुताबिक़ करते हुए आसान बनाने पर ज़ोर दिया । डिसटीर्रिक्ट रीवैन्यू ऑफीसर मिस्टर ऐम हनुमंत रेड्डी और साबिक़ सदर नशीन बलदिया मिस्टर पी वेंकट ना रावना गौड़ ने मुबारकबाद दी । सदर खाज़त जनाब मुहम्मद अकराम ने नोबीहाता(नएजोड़ों) जोड़ों को मुबारकबाद दी और रियास्ती हुकूमत की जानिब(तरफ) से फंड्स में इज़ाफ़ा पर हुकूमत से इज़हार-ए-तशक्कुर(शुकरीया) किया ।

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