Saturday , December 16 2017

फ़साद पर इज़हार ए तशवीश : जमात उलेमा हिंद

सदर जमात उलेमा आंधरा प्रदेश मौलाना हाफ़िज़ पिर शब्बीर अहमद ने सइदाबाद और मादना पेट में पेश आए वाक़ियात पर इज़हार तशवीश करते हुए कहा कि गुज़श्ता हफ़्ता ही शहर में गड़बड़ और तशद्दुद के वाक़ियात का अंदेशा था लेकिन पुलीस के कड़े इंतिज़ा

सदर जमात उलेमा आंधरा प्रदेश मौलाना हाफ़िज़ पिर शब्बीर अहमद ने सइदाबाद और मादना पेट में पेश आए वाक़ियात पर इज़हार तशवीश करते हुए कहा कि गुज़श्ता हफ़्ता ही शहर में गड़बड़ और तशद्दुद के वाक़ियात का अंदेशा था लेकिन पुलीस के कड़े इंतिज़ामात-ओ-सख़्त बंद-ओ-बस्त के बाइस उस की साज़िश नाकाम बनादी गई लेकिन कल सुबह सवेरे अचानक ही तशद्दुद फूट पड़ा और तोड़ फोड़ और आतिशज़दगी की वारदातें पेश आईं।

उन्हों ने इस इस बात की सताइश की कि पुलीस ने बरवक़्त कार्रवाई करते हुए सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पालिया और तशद्दुद को फैलने नहीं दिया । मौलाना हाफ़िज़ पिर शब्बीर अहमद ने हुकूमत पर ज़ोर दिया कि वो मुतास्सिरीन की फ़ौरी इमदाद-ओ-राहत कारी और उन की बाज़ आबादकारी के लिए ज़रूरी इक़दामात करें और हक़ीक़ी ख़ातियों की निशानदेही करते हुए उन के ख़िलाफ़-ए-क़ानून के मुताबिक़ सख़्त कार्रवाई की जाये और बेक़सूर नौजवानों को गिरफ़्तार-ओ-हिरासाँ ना किया जाये और उन को जबर-ओ-इज़ार सानी का शिकार ना बनाया जाये ।

मौलाना हाफ़िज़ पिर शब्बीर अहमद ने अवाम से अमन-ओ-अमान बरक़रार रखने और अफ़्वाहों पर यक़ीन ना करने की अपील की । उन्हों ने कहा है कि हालात के तजज़िया से मालूम होता है कि ये वाक़ियात सयासी अग़राज़ पर मबनी हैं और उन का मक़सद सयासी फ़ायदा उठाना है ।

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