Tuesday , December 19 2017

फ़ैलिन कमज़ोर पड़ गया – 90 लाख अफ़राद मुतास्सिर

तूफ़ान फ़ैलिन ने आज ज़बरदस्त असर दिखाया जिस से 23 अफ़राद हलाक और तक़रीबन 90 लाख अफ़राद मुतास्सिर रहे लाखों मकानात को नुक़्सान पहुंचा। इसके साथ तक़रीबन 2400 करोड़ रुपये लॉगती धान की फ़सलें तबाह होगईं।

तूफ़ान फ़ैलिन ने आज ज़बरदस्त असर दिखाया जिस से 23 अफ़राद हलाक और तक़रीबन 90 लाख अफ़राद मुतास्सिर रहे लाखों मकानात को नुक़्सान पहुंचा। इसके साथ तक़रीबन 2400 करोड़ रुपये लॉगती धान की फ़सलें तबाह होगईं।

ख़ासकर साहिली ज़िला गंजम में सब से ज़्यादा नुक़्सानात हुए लेकिन ओडीशा और आंध्रा प्रदेश में बड़े पैमाने पर इंसानी जानों को कोई ख़तरा नहीं पहुंचा। तेज़ हवाओं और झक्कड़ से मुवासिलाती निज़ाम दिरहम बरहम हो गया है। हवाएं फ़ी घंटा 220 किलोमीटर रफ़्तार से चल रही है।

समझा जा रहा है 14 साल में ये सब से भयानक तूफ़ान था जो कल रात गोपाल पर के क़रीब साहिल से गुज़र गया और कमज़ोर पड़ते हुए इस के दबाव में कमी आगई। रियासत के हुक्काम ने तक़रीबन 9 लाख अफ़राद को तूफ़ान से बचाते हुए महफ़ूज़ मुक़ाम पर मुंतक़िल किया था। हालिया तारीख़ का ये सब से बड़ा तूफ़ान था। अवाम ने तूफ़ान से बचने के लिए सरकारी इमारतों जैसे स्कूलों में पनाह ली ताकि 1999 के सूपर तूफ़ान की तरह तबाही से बचा जा सके।

नेशनल डीज़ासटर मैनेजमेंट अथॉरीटी के चेयरमैन शशिधर रेड्डी ने कहा कि हम अवाम को महफ़ूज़ रखने के लिए किए गए तमाम इंतिज़ामात और इक़दामात पर मुतमइन हैं। गोपालपुर में जहां पर सब से पहले तूफ़ान का हमला हुआ तक़रीबन 95 फ़ीसद अवाम का तख़लिया किया गया। फ़ौज और नेवी फ़ौजी दस्तों को तैयनात किया गया था जहां पर राहत और बाज़ आबादकारी के काम जंगी बुनियादों पर अंजाम दिए गए। तूफ़ान से मुतास्सिरा या तबाह होने वाले इन्फ़िरास्ट्रक्चर को दरुस्त किया जा रहा है। ओडीशा में कलरात तूफ़ान की आमद से क़बल 7 अफ़राद हलाक हुए थे क्योंकि उनपर दरख़्त गिर पड़े थे।

आंध्रा प्रदेश के ज़िला श्रीकाकुलम दीवार गिरने से एक शहरी हलाक हुआ। नई दिल्ली में आई एम डी ने बताया कि तूफ़ान फ़ैलिन कमज़ोर पड़ गया है और उस की हवाएं 60 ता 70 किलोमीटर फ़ी घंटा चल रही है। ये तूफ़ान उस वक़्त शुमाली ओडीशा में मर्कूज़ है। तूफ़ान से क़ब्ल ये अंदेशा किया जा रहा था कि भारी जानी नुक़्सानात होंगे। अमरीकी बहरिया ने पेश क़ियासी की थी कि तूफ़ान फ़ी घंटा 300 किलोमीटर की रफ़्तार से आएगा लेकिन महकमा-ए-मौसमियात ने आज कहा कि तूफ़ान की शिद्दत उसकी जानिब से की गई पेश क़ियासी के मुताबिक़ रही। तूफ़ान से क़ब्ल अंदेशा था कि भारी जानी नुक़्सानात होंगे। इंडियन मेट्रोलोजिकल डिपार्टमेंट ने नुक़्सानात को कम करने के लिए वसीअ तर इंतिज़ामात किए थे। आज सुबह एक तूफ़ान कमज़ोर पड़ गया।

चीफ़ मिनिस्टर ओडीशा नवीन पटनाइक ने कहा कि उनकी हुकूमत ने तरजीही बुनियादों पर इक़दामात करते हुए इंसानी जानों के नुक़्सान को कमसे कम करने की कोशिश की गई और हुकूमत इस में पूरी तरह कामयाब रही है। अलबत्ता कई करोड़ रुपये लॉगती जायदादों को नुक़्सान पहुंचा है। अब हुकूमत का काम बाज़ आबादकारी के कामों को तेज़ करना होगा। सब से ज़्यादा नुक़्सान कच्चे मकानात को हुआ है। इस दौरान तूफ़ान फ़ाइलुन से ओडीशा और आंध्रा प्रदेश में जानी-ओ-माली नुक़्सानात पर गहरे दुख का इज़हार करते हुए सदर जम्हूरिया प्रणब मुखर्जी ने इस यक़ीन का इज़हार किया कि मुतास्सिरा अवाम बहुत जल्द इस सानिहा से बाहर निकल आयेंगे। उन्होंने तूफ़ान से पहले ही एहतियाती तदाबीर इख़तियार करते हुए नुक़्सानात को कम से कम करने पर हुक्काम को मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि अब मुतास्सिरा अफ़राद को जल्द अज़ जल्द मुम्किना इमदाद पर तवज्जा मर्कूज़ करनी चाहीए। सदर जम्हूरिया ने अपने पयाम में महलूकीन के विरसा से गहिरी हमदर्दी का इज़हार किया।

TOPPOPULARRECENT