Saturday , December 16 2017

फ़ौजी इलाके में ग़ैर मुताल्लिक़ा शख़्स के दाख़िला की गुंजाइश नहीं

मुदर्रिसा के कमउमर तालिब-ए-इल्म शेख़ मुस्तफा क़त्ल केस में कमिशनर हैदराबाद ने हाईकोर्ट में इज़ाफ़ी हलफ़नामा दाख़िल किया। कमिशनर ने अदालत को ये वाक़िफ़ किराया कि तहक़ीक़ात के दौरान ये पता लगा हैके मह्दीपटनम गीरीझ़न मिल्ट्री इलाक

मुदर्रिसा के कमउमर तालिब-ए-इल्म शेख़ मुस्तफा क़त्ल केस में कमिशनर हैदराबाद ने हाईकोर्ट में इज़ाफ़ी हलफ़नामा दाख़िल किया। कमिशनर ने अदालत को ये वाक़िफ़ किराया कि तहक़ीक़ात के दौरान ये पता लगा हैके मह्दीपटनम गीरीझ़न मिल्ट्री इलाके में किसी भी मुश्तबा शख़्स के दाख़िले की गुंजाइश नहीं है कयुंकि गीरीसन इंतिहाई सख़्त सेक्युरीटी का इलाक़ा है।

उन्होंने बताया कि क़त्ल केस की तहक़ीक़ात के दौरान कई अफ़राद के मोबाईल फोन्स के काल तफ़सीलात और टावर लोकेशन हासिल किए गए जिस में दो फ़ौजीयों लांस नाविक, पी उपला राजू और सिपाही बाला नरसमहलो के दरमयान मुसलसिल गुफ़्तगु का इन्किशाफ़ हुआ है।

उपला राजू ने तफ़तीश के बाद ख़ुद को गोली मारकर ख़ुदकुशी करली जबकि नरसमहलो को क़त्ल केस की तहक़ीक़ात कर रही स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने 20 और 25 अक्तूबर को नोटिस जारी की और तहक़ीक़ाती एजेंसी के रूबरू हाज़िर होने की हिदायत दी गई लेकिन वो आसाबी आरिज़ा जिस का ताल्लुक़ दिमाग़ से बताया जाता है, का शिकार होगया है और उसे दवाख़ाने में शरीक किया गया था। बादअज़ां 6 नवंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया था। कमिशनर ने अदालत को ये वाक़िफ़ किराया कि बाज़ गवाहों के बयानात के बमूजब पुलिस को ये मालूम हुआ हैके नरसम्हलु अकसर इलाके के कमउमर बच्चों की पिटाई किया करता था और वो अक्सर सिद्दीक़नगर के साकिन अफ़राद से सख़्ती से पेश आया करता था। उन्होंने बताया कि पुलिस के पास कई एसे शवाहिद है जिस से मुस्तफा के क़त्ल के दिन उसकी मुक़ाम वारदात पर मौजूदगी को साबित किया जा सकता है। उन्हों ने बताया कि इस केस में हनूज़ तहक़ीक़ात जारी है और अदालत को तहक़ीक़ात की पेशरफ़त से वाक़िफ़ किराया जाएगा।

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