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फ़ौजी सरबराह की उम्र तनाज़ा पर हुकूमत से सुप्रीम कोर्ट का सवाल

नई दिल्ली,०४ फ़रवरी (पी टी आई) फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह ने ऐसा मालूम होता है कि हुकूमत के ख़िलाफ़ अपनी उम्र के तनाज़ा में पहले मरहला की क़ानूनी लड़ाई जीत ली है। सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत से सवाल किया है कि आख़िर इस ने क़ानूनी मौक़िफ़ की ह

नई दिल्ली,०४ फ़रवरी (पी टी आई) फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह ने ऐसा मालूम होता है कि हुकूमत के ख़िलाफ़ अपनी उम्र के तनाज़ा में पहले मरहला की क़ानूनी लड़ाई जीत ली है। सुप्रीम कोर्ट ने आज हुकूमत से सवाल किया है कि आख़िर इस ने क़ानूनी मौक़िफ़ की हामिल शिकायत को मुस्तर्द क्यों किया? बज़ाहिर हुकूमत का ये रवैय्या क़ानून की ख़िलाफ़वर्ज़ी मालूम होता है। अदालत ने हुकूमत से ये जानना चाहा कि वो 30 दिसम्बर 2011 के अपने अहकाम को वापस लेना चाहती है।

अदालत ने उम्र के तनाज़ा की समाअत 10 फ़रवरी मुक़र्रर की है। वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी ने 30 दिसम्बर को अहकाम जारी करते हुए जनरल सिंह की क़ानूनी शिकायत को मुस्तर्द करदिया था कि इन की तारीख़ पैदाइश फ़ौजी रिकार्ड में 10 मई 1951मुंदरज है जबकि 10 मई 1950 नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने हुकूमत से सवाल उठाते हुए जस्टिस आर एम लोधा और एच के भोगले पर मुश्तमिल बंच ने ख़्याल ज़ाहिर किया कि वज़ारत-ए-दिफ़ा का 21 जुलाई 2011 को जारी करदा हुक्मनामा भी जनरल वी के सिंह की तारीख़ पैदाइश 10 मई 1950 रखी गई है।

ये तारीख़ पैदाइश अटार्नी जनरल की राय के बाद ही रखी गई। इस सिलसिला में 30 दिसम्बर को जनरल सिंह की क़ानूनी शिकायत पर अहकाम जारी किए गए। अदालत की जानिब से ये पूछे जाने के बाद कि आया हुकूमत अपने 30 दिसम्बर के अहकाम को वापस लेना चाहेगी, अटार्नी जनरल जी ई वहा नोती ने कहा कि वो इस मसला पर हुकूमत से हिदायत तलब करेंगे। अदालत ने कहा कि अगर हुकूमत अपने 30 दिसम्बर के अहकाम को वापस लेती है तो जनरल सिंह के लिए दीगर सहूलतें दस्तयाब हैं।

अदालत ने कहा की इस केस में जनरल सिंह की क़ानूनी शिकायत ये है कि उन्हों ने हुक्काम की जानिब से जारी करदा 21 जुलाई के अहकाम के ख़िलाफ़ जो शिकायत की है इस पर ग़ौर किया जाएगा। समाअत के दौरान बंच ने ये एहसास ज़ाहिर किया कि जब ये कहा गया है कि जनरल सिंह की शिकायत नाक़ाबिल काबिल-ए-क़बूल है तो इस सूरत में जनरल सिंह के पास सुप्रीम कोर्ट से रुजू होने का रास्ता बाक़ी रह जाता है।

मजमूई तौर पर अदालत ने हुकूमत की फ़ैसला साज़ी के अमल का सवाल उठाया। बंच ने मज़ीद कहाकि रिकार्ड में मौजूद मवाद को फ़ित्री इंसाफ़ के उसोलों की आज़माईश के लिए छोड़ा नहीं जाएगा। अटार्नी जनरल और सॉलीसिटर जनरल ने जनरल सिंह के ख़िलाफ़ हुकूमत की कार्रवाई की मुदाफ़अत की है।

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