Thursday , February 22 2018

फ़ौज को ख़ुसूसी इख़्तियारात से मुताल्लिक़ रियासती हुकूमत के आलामिया

नई दिल्ली

नई दिल्ली

विज़ारत-ए-दाख़िला के जम्मू-कश्मीर उमूर से निमटने वाले शोबा के पास मुतनाज़ा मुसल्लह फोर्सेस ख़ुसूसी इख़्तियारात ऐक्ट से मुताल्लिक़ रियासती हुकूमत का कोई मकतूब मौजूद नहीं है। कॉमनवेल्थ हियूमन राईट्स अनीशीटो के समाजी कारकुन वेंकटेश नायक ने आर टी आई ऐक्ट के तहत विज़ारत-ए-दाख़िला से ये जानने की ख़ाहिश की थी कि अफ़सपा की दफ़ा 3 के तहत जम्मू-कश्मीर हुकूमत की जानिब से जारी करदा तमाम आलामियों की तफ़सील फ़राहम की जाये।

दफ़ा 3 के तहत रियासती हुकूमत ने गज़्ट आलामिया के ज़रिया सारी रियासत या इस के बाज़ हिस्सों को मुतास्सिरा इलाक़े क़रार दिया था। यहां मुसल्लह फोर्सेस को सियोल फोर्सेस की इआनत की इजाज़त दी गई थी। वेंकटेश नायक का ये सवाल विज़ारत-ए-दाख़िला से किया गया, जिस ने उसे जम्मू-कश्मीर शोबा से रुजू किया जो रियासत के तमाम उमूर का ज़िम्मेदार है। इस सवाल के जवाब में सेंटर्ल पब्लिक इन्फ़ार्मेशन ऑफिसर और डायरेक्टर डीवीझ़न ने बताया कि रियासती हुकूमत के जारी करदा आलामिया से मुताल्लिक़ इस शोबे में कोई रिकार्ड मौजूद नहीं है। नायक ने कहा कि क़ब्लअज़ीं विज़ारत उमुरदाख़िला की वैब साईट पर ये आलामिए दस्तियाब थे, लेकिन अब उसे अपलोड नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विज़ारते उमुरदाख़िला असल आलामिया हासिल नहीं करसकी और उन्हें नफ़ी में जवाब दिया जो हैरतअंगेज़ है|

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