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‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’

एक शौहर की शिकायत पर अदालत ने उसकी बीवी को 3 फरवरी, 2014 के लिए समन भेजा है। शौहर का इल्ज़ाम है कि उसकी बीवी और सास-ससुर की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उसकी और उसके घरवालों की जिंदगी को खतरा है।

एक शौहर की शिकायत पर अदालत ने उसकी बीवी को 3 फरवरी, 2014 के लिए समन भेजा है। शौहर का इल्ज़ाम है कि उसकी बीवी और सास-ससुर की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उसकी और उसके घरवालों की जिंदगी को खतरा है।

ईस्ट दिल्ली के गांधी नगर के साकिन सुमित जैन की शिकायत पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संजीव कुमार ने वीणा जैन (बदला हुआ नाम) के नाम पर 3 फरवरी, 2014 के लिए समन जारी किया है। सुमित ने अपने वकील मनीष भदौरिया के जरिये दाखिल अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी और वीणा की शादी 22 मई 2011 को हिंदू रीति-रिवाजों के तहत हुई थी। इस शादी से उनकी नौ महीने की एक बेटी है। शादी के बाद से ही उसकी बीवी उस पर आबाई ज़ायदाद में अपना हिस्सा मांगने और अपने मां-बाप से अलग होने का दबाव बना रही थी।

इल्ज़ाम है कि वीणा अक्सर अपने शौहर और उसके घर वालों से झगड़ा करती थी और उनके खिलाफ गंदी ज़ुबान का इस्तेमाल करती थी। वीणा के मां-बाप उसे ऐसा करने के लिए भड़काते थे। उसकी बीवी उसे और उसके घरवालों को दहेज हरासानी और दूसरे झूठे केसों में फंसाने की धमकी देती थी। वह खुदकुशी करने और उन्हें झूठे केस में फंसाने की भी धमकी देती थी।

शौहर ने यह भी इल्ज़ाम लगाया कि 22 नवंबर, 2012 को किसी काम से बाहर जाने पर भी उसकी बीवी ने उन्हें धमकाते हुए दिल्ली वापस लौटने पर सबक सिखाने की बात कही थी। इसके बाद 25 नवंबर, 2012 की दोपहर को शिकायतकर्दा और उसके घरवालों पर दबाव बनाने के लिए वीणा ने ऑल आउट पी लिया। वह फौरन उसे गांधी नगर के जैन चैरिटेबल हॉस्पिटल ले गया और वहां पहुंचकर उसने अपने सास-ससुर को फोन कर वहां आने के लिए कहा।

लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया और उसे धमकी देनी शुरू कर दी। फिर उसकी बीवी ने डॉक्टर को नोट लिख कर दिया कि उसने अपने आप ऑल आउट पीया था। इसमें उसके शौहरऔर उसके ससुरवालों का कोई हाथ नहीं था।

शौहर के मुताबिक इसके बाद भी उसकी बीवी के बर्ताव में कोई सुधार नहीं आया। वह फिर उससे लड़ने-झगड़ने लगी और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। मामला पुलिस तक पहुंचा और 26 जनवरी, 2013 को पुलिस के दबाब में दोनों फरीकों ने एक-दूसरे से समझौता कर लिया।

झगड़ा फिर भी खत्म नहीं हुआ। 6 फरवरी, 2013 को फिर दोनों के बीच लड़ाई हुई और मुबययना तौर पर मुल्ज़िमीन (वीणा और उसके मां-बाप) ने शिकायतकर्दा को गिरफ्तार करा दिया। 7 फरवरी, 2013 को मजिस्ट्रेट कोर्ट से शिकायतकर्दा को जमानत पर रिहा किया गया।

इसके बाद शिकायती ने शाहदरा एक्सटेंशन के बलबीर नगर में किराये पर एक मकान लिया और वहां अपनी बीवी वीणा के साथ रहने लगा। लेकिन उसके सास-ससुर ने उन दोनों को वहां भी चैन से रहने नहीं दिया। उन्होंने उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। उसने इस ताल्लुक में 29 नवंबर, 2012 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर और 26 नवंबर, 2012 को डीसीपी ईस्ट डिस्ट्रिक्ट को तहरीरी शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

शौहर ने अदालत से मुल्ज़िमो को समन भेजे जाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग करते हुए कहा था कि मुल्ज़िम उसके और घरवालों के खिलाफ संगीन जुर्म कर सकते हैं।

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