Monday , December 18 2017

“बल्दिया, खाया पिया चल दिया”

मजलिस बल्दिया अज़ीम तर हैदराबाद के ओहदेदारों के एलानात एक मर्तबा फिर पुरानी कहावत “बल्दिया, खाया पिया चल दिया” के मुतरादिफ़ साबित हो रहे हैं। उमूमन जी एच एम सी पर जब कभी एक ओहदेदार का तसल्लुत होता है और ओहदेदार पर कोई दबाव नहीं होता तो ऐसी सूरत में बल्दी हदूद में ज़ाहिरी तौर पर ही सही सरगर्मियां तेज़ होने लगती हैं।

और ओहदेदारों की जानिब से बेहतर से बेहतर सहूलयात की फ़राहमी यक़ीनी बनाई जाने लगती है लेकिन अब जबकि मजलिसे बल्दिया अज़ीम तर हैदराबाद के मुंतख़िबा उम्मीदवारों की मीआद के इख़तेताम के बाद की सूरते हाल है वो बिलकुल तौर पर साबिक़ा स्पेशल ऑफीसर के अदवार के बरअक्स साबित हो रही है।

लेकिन हालिया दिनों में मजलिसे बल्दिया अज़ीम तर हैदराबाद में ओहदेदारों के जायज़ा इजलास के इलावा कोई अमली इक़दामात नज़र नहीं आ रही हैं। स्पेशल ऑफीसर और कमिशनर मजलिसे बल्दिया अज़ीम तर हैदराबाद मिस्टर सोमेश कुमार ने गुज़िश्ता माह पुराने शहर के इलाक़ा उप्पूगुड़ा का दौरा करते हुए एलान किया था कि माह दिसंबर के दूसरे हफ़्ता में बहरे सूरत उप्पूगुड़ा फ़्लाई ओवर ब्रीज का आग़ाज़ कर दिया जाएगा और इस के इफ़्तिताह की तारीख का फिक्स करने का भी एलान किया था।

लेकिन दो हफ़्ते गुज़रने के बावजूद भी उप्पूगुड़ा फ़्लाई ओवर का काम जारी है लेकिन कमिशनर मजलिसे बल्दिया अज़ीम तर हैदराबाद की जानिब से कोई वज़ाहत नहीं की जा रही है। अमली तौर पर बल्दिया की कारकर्दगी का जायज़ा लेने पर ये बात वाज़ेह हो रही है कि मौजूदा बल्दी ओहदेदार सिर्फ़ जायज़ा इजलास और नाक़ाबिले अमल एलानात की हद तक महदूद हो चुके हैं।

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