Friday , December 15 2017

“मलाला अब ख़ला में भी”

अमरीकी ख़लाई इदारे नासा ने एक सैयारचे का नाम पाकिस्तान में तालिबान के हमले में ज़ख़्मी होने वाली तालिबा और नोबेल ईनाम याफ़्ता मलाला यूसूफ़ ज़ई पर रखा है।

अमरीकी ख़लाई इदारे नासा ने एक सैयारचे का नाम पाकिस्तान में तालिबान के हमले में ज़ख़्मी होने वाली तालिबा और नोबेल ईनाम याफ़्ता मलाला यूसूफ़ ज़ई पर रखा है।

इस सैयारचे के बारे में बताया गया है कि ये प्रिंटर टोनर यानी स्याही की तरह स्याह है और मलाला शायद उसे कभी ना देख सकीं ताहम उस की मौजूदगी एक ख़ुश आइंद ख़्याल है।

बर्तानिया में मुक़ीम मलाला यूसूफ़ ज़ई पाकिस्तान में लड़कीयों की तालीम के लिए काम कर रही हैं। मलाला यूसूफ़ ज़ई को हासिल होने वाले एज़ाज़ात के मुक़ाबले में इस सैयारचे का साइज़ ज़्यादा बड़ा नहीं, जो चार किलोमीटर पर मुश्तमिल चट्टान का एक टुकड़ा है।

ये सैयारचा मिर्रीख़ और मुशतरी के दरमयान वाक़े सैयारचों में से एक है और सूरज के गिर्द साढे़ पाँच बरस में अपना चक्कर मुकम्मल करता है। ये ग़ैर मामूली एज़ाज़ नासा की एमी मेन्ज़र के तवस्सुत से सामने आया है, जिन्हों ने ये 316201 नामी सैयारचा सन 2010 में दरयाफ़्त किया था।

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