Saturday , December 16 2017

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के रिश्वतखोरी के आरोपों पर आज सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदित्य बिड़ला और सहारा ग्रुप से रिश्वतखोरी के मामले में आज वकील प्रशांत भूषण के याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी। इससे पहले प्रशांत भूषण ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज़ को लिखित शिकायत की थी कि इनकम टैक्स और सीबीआई के छापों के दौरान कुछ दस्तावेज़ निकल कर आये हैं जिससे पता चलता है कि देश की दो बड़ी उद्योग कंपनियों ने कई मुख्यमंत्रियों और सांसदों को घूस दी है।

क्या है प्रधानमंत्री पर आरोप

आप को बता दे कि सहारा के यहाँ 22 नवंबर 2014 को छापा पड़ा था। आदित्य बिरला ग्रुप पर 15 अक्टूबर 2013 को छापा पड़ा था। केजरीवाल और प्रशांत भूषण के पास जो दस्तावेज़ हैं, इन पर इनकम टैक्स अफसर के दस्तख़त हैं, गवाह भी मौजूद हैं। दिल्ली विधानसभा में इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ज़्यादा खुले तौर से रखा। उनके पास भी वे सब दस्तावेज़ मौजूद थे जिसमें नरेंद्र मोदी को घूस दिए जाने की बात है। केजरीवाल ने यह आरोप दिल्ली विधानसभा में एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में लगाया था।

केजरीवाल ने आरोप लगाया, “2013 में आयकर विभाग ने आदित्य बिड़ला समूह के दफ्तरों में छापेमारी की थी, जिसमें 25 करोड़ रुपये बरामद हुए थे.” उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने दस्तावेज, खाता-बही, कंप्यूटर रिकॉर्ड और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का लैपटॉप जब्त किया था, जिसमें संदेश था, “गुजरात के मुख्यमंत्री-25 करोड़ (12 करोड़ अदा, शेष?).। इससे साफ होता है कि तब के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिश्वतखोरी में हाथ था।

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