अमेरिका ने अलास्का में अपना सही चेहरा दुनिया को दिखाया

   

बीजिंग, 20 मार्च । चीन और अमेरिका के उच्चस्तरीय अधिकारियों ने अलास्का में आयोजित पहली वार्ता में आमने-सामने विचारों का आदान-प्रदान किया। हालांकि चीन-अमेरिका संबंध खराब बनाने की जिम्मेदारी अमेरिका को उठानी चाहिए, लेकिन वर्तमान वार्ता में अमेरिका का व्यवहार मर्यादा वाले बड़े देश की तरह नहीं है। चीन ने बहस में अमेरिका के सही चेहरे का पदार्फाश किया, जिससे दुनिया ने अमेरिका का सार स्पष्ट से देखा है।

अमेरिका ने वार्ता के शुरुआती भाषण में चीन के देसी-विदेशी नीति का अकारण आरोप किया। यह न सिर्फ कूटनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है, बल्कि अमेरिका का उद्दंड रवैया जाहिर हुआ है।

इसपर चीनी केंद्रीय विदेशीमामला आयोग के प्रमुख यांगचेछी ने गंभीरता से जवाब दिया कि थाईवान, हांगकांग और शिनच्यांग सब चीन की प्रादेशिक भूमि के अभिन्न भाग हैं। चीन दृढ़ता से अमेरिका द्वारा चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का विरोध करता है। अमेरिका को प्रभावपूर्ण स्थिति में होने का हक नहीं है।

(साभार : चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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