गुरुग्राम, 17 अक्टूबर । सरकार के अंडर ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के जरिए गुरुग्राम में प्रदूषण से निपटने के उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए तैनात की गई टीमों ने शनिवार को 29 उल्लंघनकर्ताओं पर 7.25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया। जीआरएपी 15 अक्टूबर को ही वजूद में आया है।
इन क्षेत्रों के निवासियों की कई शिकायतें मिलने के बाद नगर निगम गुरुग्राम की एक टीम ने शनिवार को सेक्टर-27 और सेक्टर 42 के साथ ही अन्य स्थानों का दौरा किया।
शिकायतें पर्यावरणीय मानदंडों के उल्लंघन से संबंधित थीं।
मौके पर पहुंचकर स्पॉट निरीक्षण के दौरान 29 उल्लंघनकर्ताओं पर 7.25 लाख रुपये का जुर्माना ठोंका गया।
पर्यावरण संबंधी नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले उल्लंघनकर्ताओं को निर्माण गतिविधियों में पर्यावरणीय नियमों का पालन करने के लिए नागरिक निकाय अधिकारियों की ओर से चेतावनी भी दी गई है।
इसके तहत निर्माण स्थलों और निर्माण सामग्री को कवर किया जाना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
शुक्रवार को जीआरएपी मानदंडों का पालन नहीं करने वालों पर 63,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इसमें निवासियों पर कचरा जलाने के लिए 13,000 रुपये की राशि के छह चालान और बायोमास जलाने के लिए 50,000 रुपये का एक चालान शामिल है।
इसके अलावा निगम के अधिकारियों ने एक बिल्डर पर 75,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसकी निर्माण सामग्री सड़क पर पड़ी थी और कवर नहीं की गई थी।
नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त जसप्रीत कौर ने कहा, पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण परियोजनाओं को दंडित किया जाएगा। मैंने पर्यावरण प्रदूषण (नियंत्रण और रोकथाम) प्राधिकरण द्वारा ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के अनुपालन को गंभीरता से सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा, अगर इसका उल्लंघन किया जाता है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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