गोवा नगरपालिका चुनाव पर हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

   

पणजी, 4 मार्च । गोवा में भाजपा ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें पणजी में बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ के 2 मार्च के आदेश पर रोक लगा दी गई है। दरअसल पीठ ने पांच नगरपालिका परिषदों में मतदान स्थगित कर दिया था।

गोवा सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था, जिसके बाद सुपीर्म कोर्ट ने यह आदेश सुनाया।

गोवा भारतीय जनता पार्टी के महासचिव दामू नाईक ने कहा, सरकार ने लोकतंत्र की बहाली की मांग की थी। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ हमारी अपील को स्वीकार कर लिया गया है। विपक्ष ने निगम चुनाव में रोड़ा अटकाने की कोशिश की थी।

इस हफ्ते की शुरुआत में, बॉम्बे हाई कोर्ट की पीठ ने महिलाओं और अनुसूचित जाति श्रेणियों के लिए नगरपालिका वाडरें के आरक्षण में अनियमितताओं से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने पांच नगरपालिका परिषदों पर चुनाव स्थगित कर दिए थे। आदेश के मद्देनजर, राज्य निर्वाचन आयोग ने पांच नगरपालिका क्षेत्रों में मतदान से संबंधित एक सरकारी अधिसूचना को भी रद्द कर दिया था। ये पांच नगर पालिका मारगाओ, मपूसा, मोरमुगाओ, सनगुएम और क्विपम हैं।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने न केवल पांच नगर पालिकाओं में चुनाव स्थगित करने के आदेश पर रोक लगाई बल्कि, आयोग के आदेश पर भी रोक लगा दी। मामले का निपटारा मंगलवार (10 मार्च) को होने की उम्मीद है।

नाइक ने कहा कि एससी के आदेश को देखते हुए, गोवा सरकार उन पांच नगरपालिका परिषदों के चुनावों की अनुमति देने के लिए एक उचित अधिसूचना लाएगी, जिन्हें पूर्व में रोक कर रखा गया था।

Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.