मुस्लिम आरक्षण को संवैधानिक संशोधन में शामिल करने की मांग‌

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हैदराबाद: टी आर एस के संसद सदस्य विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर चंद्र बाबू नायडू कांग्रेस ज़ेर नेतृत्व में मोर्चे में शामिल हो कर ख़ुद को मोर्चे का नेता ज़ाहिर करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए विनोद कुमार ने नई दिल्ली में कहा कि चंद्र बाबू नायडू अपनी गतिविधियों के ज़रीया ये प्रचार कर रहे हैं कि उन्होंने ये मोर्चे निर्माण दिया है।

उन्होंने कहा कि चंद्र बाबू नायडू ने हमेशा मौकापरस्त राजनिति का सबूत दिया है और वो अपने मकसद पूरा करने के बाद मोर्चे को बदल ने में माहिर हैं। उन्होंने केंद्र‌ से मांग किया कि उच्च वर्ग के लिए 10 प्रतिशत‌ आरक्षण प्रदान‌ करने के लिए जिस तरह संवैधानिक संशोधन की गई , इसी तरह तेलंगाना में मुस्लमानों और अनुसूचित क़बाइल के आरक्षण से इज़ाफ़ा को मंज़ूरी दी जाये।

टी आर एस ने दोनों ऐवानों में संवैधानिक संशोधन की समर्थन करते हुए तेलंगाना के आरक्षण में इज़ाफ़ा का मांग किया है। विनोद कुमार ने कहा कि संयुक्त‌ आंध्र प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की आबादी का प्रतिशत अलग‌ था लेकिन तेलंगाना राज्य के गठन‌ के बाद एससी , एसटी , बी सी और मुस्लमानों की आबादी में इज़ाफ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुस्लमानों की आबादी संयुक्त‌ आंध्र में 8 प्रतिशत थी जो तेलंगाना में बढ़कर 12 प्रतिशत हो चुकी है। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में इज़ाफ़ा करते हुए तेलंगाना विधानसभा में अनुबंध को मंजूरी देते हुए केंद्र सरकार‌ को रवाना किया गया लेकिन अभी तक उसे मंज़ूरी नहीं दी गई।

उन्होंने सवाल किया कि सुप्रीमकोर्ट ने जब 50 प्रतिशत आरक्षण की हद मुक़र्रर कर दी है तो फिर केंद्र सरकार‌ अपने राजनितिक‌ मक़सद के लिए किस तरह संविधान में संशोधन कर सकती है। उन्होंने उच्च वर्ग को आरक्षण देने को जल्दबाजी में किया गया फ़ैसला क़रार दिया।

उच्च वर्ग को आरक्षण देने का मतलब ये हुआ कि समाज के सभी वर्ग‌ को आरक्षण हासिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के फ़ैसले का हवाला देकर तेलंगाना के इज़ाफ़ी आरक्षण को मंज़ूरी नहीं दी गई थी लेकिन चुनाव‌ से पहले अचानक संविधान में संशोधन का ख़्याल आया है।

संसद सदस्य बी-बी पाटल ने कहा कि उच्च वर्ग को आरक्षण देने से मतभेद नहीं लेकिन केंद्र सरकार‌ को चाहिए कि वो तेलंगाना के पिछडे वर्ग लोगो को आरक्षण की मंज़ूरी दे और संवैधानिक संशोधन के तहत उन्हें शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संशोधन के जरिये तेलंगाना के पिछडे वर्ग को इन्साफ़ किया जा सकता है।