नई दिल्ली, 6 जनवरी । भारत को स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण के लिए कुल 6.6 करोड़ खुराक की आवश्यकता है और इसकी पर्याप्त मात्रा हमारे पास सुरक्षित है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
नीती अयोग के सदस्य वी.के.पॉल ने कहा, स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए 6.6 करोड़ खुराक की आवश्यकता है। बफर स्टॉक में 6 करोड़ वैक्सीन है। दोनों के लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीन और लॉजिस्टिक्स सुरक्षित कर लिया गया है।
दो टीके कोविशिल्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी गई है। इसे सबसे पहले एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स और दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को मुफ्त में दिया जाएगा। ये दो-खुराक वाले टीके हैं।
पॉल ने कहा, टीकाकरण के लिए सभी तैयारियां ट्रैक पर हैं। आने वाले दिनों में इसका जल्द ही कार्यान्वयन किया जाना संभव है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि टीकाकरण अभियान 13 जनवरी से शुरू किया जाएगा।
सरकार के फैसलों पर अधिक विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को अगले छह महीने और उसके बाद के लिए पर्याप्त मात्रा में सीरिंज और अन्य लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए गए हैं।
इन तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स के अलावा, 50 वर्ष से अधिक आयु के 26 करोड़ लोगों और पहले से बीमार 50 वर्ष से कम आयु के एक करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा।
यह बताते हुए कि 50 वर्ष से अधिक आयु के 26 करोड़ लोगों को प्राथमिकता के साथ टीकाकरण के लिए क्यों चुना गया, उन्होंने कहा, भारत में कोविड-19 मामलों में 78 प्रतिशत मौतें 50 वर्ष से अधिक आयु में हुई हैं। इस आयुवर्ग में मरने वालों में लगभग 67 प्रतिशत लोग हैं।
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