10वीं के टॉपर को योगी के हाथों मिला था 1 लाख का चेक, हुआ बाउंस, प्रशासन में मचा हड़कंप

10वीं के टॉपर को योगी के हाथों मिला था 1 लाख का चेक, हुआ बाउंस, प्रशासन में मचा हड़कंप

यूपी के बाराबंकी में 10वीं कक्षा के टॉपर अलोक मिश्रा का एक लाख का चेक बाउंस हो गया है. इस चेक को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के एक प्रोग्राम में छात्र को देकर सम्मानित किया था.

जैसे ही मालूम चला छात्र को दिया गया एक लाख चेक बाउंस हो गया है तो शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया. चेक बाउंस की सूचना पर शासन ने डीआईओएस (DIOS) से रिपोर्ट मांगी है. वहीं चेक बाउंस होने के बाद अपनी गलती सुधारते हुए और बेइज्जती से बचने के लिए आनन फानन में डीआईओएस ने छात्र को कॉलेज बुलाकर दूसरा चेक दे दिया.

आपको बता दें, यूपी बोर्ड के कक्षा 10वीं का रिजल्ट जब आया तो राज्य के टॉपर्स की खुशी का ठिकाना नहीं था. नेता से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी इन होनहारों को बधाईयां देने में लगे थे. इन टॉपर्स को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लखनऊ बुलाकर सम्मानित भी किया था. वहीं जिले के टॉपर को मुख्यमंत्री के हाथों

मिला चेक बाउंस हो गया. जिसके बाद से छात्र और उसके अभिभावक परेशान हो गए.

 

आलोक ने हासिल किए 93.5 फीसदी अंक

बाराबंकी के यंग स्ट्रीम इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले आलोक मिश्रा ने 10वीं में 93.5 फीसदी अंक हासिल करके जिले में टॉप किया था. वहीं पूरे प्रदेश में वो सातवें नंबर पर थे. जिसके बाद 29 मई को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलोक को भी प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख का का चेक दिया था. आलोक ने परिजनों के साथ जाकर देना बैंक के खाते में अपनी चेक जमा कराया था. लेकिन दो दिन बाद बैंक अधिकारियों ने चेक बाउंस होने की सूचना दी. आपको बता दें, चेक बाउंस होने की वजह साइन का मिलान न हो पाना बताया गया.

दो दिन में पता चला चेक बाउंस हो गया है..

चेक बाउंस होने से हैरान और निराश आलोक मिश्रा ने बताया कि यूपी बोर्ड की 10वीं कक्षा में मैंने सातवां स्थान हासिल किया था.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में मुझे सम्मानित करने के लिए 29 मई को लखनऊ के लोहिया विश्विद्यालय में बुलाया था.  सीएम योगी ने मेरी सफलता को सराहते हुए मुझे सम्मानित किया और एक लाख रुपए का चेक दिया.इस चेक को कैश कराने के लिए मैंने देना बैंक में अपना चेक लगाया तो दो दिन बाद मुझे पता चला कि चेक बाउंस हो गया है. 7 तारीख को इन लोगों को बताया तो कोई रिस्पांस नहीं मिला.

इसके बाद डीआईओएस (DIOS) ऑफिस फोन करके मामले की जानकारी दी, लेकिन वहां से पता चला कि वह इलाहाबाद गए हैं. वहीं इस मामले पर बाराबंकी के डीआईओएस राज कुमार यादव से बात की गई तो उनके चेहरे की हवाइयां उड़ी थी. शासन से लगातार उनकी क्लास फोन पर ली जा रही थी उन्होंने ने बताया कि साइन के मिलान न होने के कारण चेक बाउंस हुआ. आलोक को दूसरा चेक जारी कर दिया गया है.

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