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10 माह की मासूम ‘गुड़िया’ ने दी मौत को मात

ठाणे, 06 अप्रैल: कहते हैं जिसे खुदा बचाए उसे कोई नही मार सकता | यह कहावत मुंबई के ठाणे में जुमेरात के दिन मुंहदिम आठ मंजिला इमारत के मलबे से निकाली गई 10 माह की बच्ची पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

ठाणे, 06 अप्रैल: कहते हैं जिसे खुदा बचाए उसे कोई नही मार सकता | यह कहावत मुंबई के ठाणे में जुमेरात के दिन मुंहदिम आठ मंजिला इमारत के मलबे से निकाली गई 10 माह की बच्ची पर बिल्कुल सटीक बैठती है।

29 घंटों से राहत और बचाव के काम में लगे लोगों की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं रहा जब उन्होंने मासूम गुड़िया को मलबे से जिंदा बाहर निकाला।

हालांकि इस चमत्कार को देखने के लिए बच्ची के खानदान का कोई मेम्बर वहां पर नहीं था।

छत्रपति शिवाजी मेमोरियल अस्पताल के स्टाफ ने इस बच्ची को गुड़िया नाम दिया है क्योंकि किसी को उसका नाम पता नहीं था। बच्ची का यहीं पर इलाज चल रहा है।

अस्पताल के मुलाज़्मीन एम वाघेला ने बताया कि हम सभी उसे गुड़िया कहकर बुलाते हैं क्योंकि वह गुड़िया (डॉल) की तरह दिखती है। बच्ची को हल्की चोट आई है। वह अब पहले से बेहतर है।

खुदा का शुक्र है वह बच गई और अब हम खुद से दुआ कर रहे हैं कि उसके घर वाले आकर उसे ले जाएं।

वाघेला ने कहा कि गुड़िया के एक पड़ोसी ने अस्पताल के इंतेज़ामिया को बताया है कि उसकी वालदा और चची इमारत में रहती थीं लेकिन अब तक कोई भी उस पर हक जताने नहीं आया है।

वहीं दूसरी ओर इमारत के मलबे में करीब 30 घंटे से दबे कुतिबी शेख (65) को भी जिंदा निकाला गया है। उन्हें सीएसएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे सदमें में हैं लेकिन उनकी हालत मामूल बनी हुई है।

अस्पताल में हर कोई इस बच्ची को सीने से लगाकर उसको प्यार देने की कोशिश कर रहा था। वहीं कुछ रजाकारों (Volunteers) ने बच्ची के घर वालो को तलाश करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। यह दल दूसरे अस्पतालों में जाकर बच्ची के घर वालो की तलाश में जुट गया है।

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