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100 में 60 पेंशनर फर्जी, लाखों ले रहे करोड़ों का फायदा

रियासत में क़ौमी समाजी हिफाजत के तहत जईफ, विधवा और विकलांग पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। 49 हजार से ज़्यादा फर्जी पेंशनधारी गलत आधार नंबर पर एक साथ तीनों पेंशन मंसूबों का फाइदा ले रहे थे। इससे हुकूमत को हर माह एक करोड़ 95 लाख

रियासत में क़ौमी समाजी हिफाजत के तहत जईफ, विधवा और विकलांग पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। 49 हजार से ज़्यादा फर्जी पेंशनधारी गलत आधार नंबर पर एक साथ तीनों पेंशन मंसूबों का फाइदा ले रहे थे। इससे हुकूमत को हर माह एक करोड़ 95 लाख से ज़्यादा का चूना लग रहा था। ये अब तक 35 करोड़ रुपए से ज़्यादा की पेंशन रकम उठा चुके हैं।

पेंशन अकाउंट के लिए दिए गए आधार नंबर को सरवर से जोडऩे के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। चीफ़ सेक्रेटरी का कहना है कि इसके बाद से करीब एक लाख 30 हजार और फर्जी पेंशनरों ने फंसने के डर से पेंशन उठाना ही बंद कर दिया है। ये हर माह छह करोड़ 50 लाख रुपए उठाते थे। अब तक एक लाख 79 हजार फर्जी पेंशनर्स सामने आ चुके हैं। चीफ़ सेक्रेटरी आरएस शर्मा ने लेबर महकमा को फर्जी लोगों को पेंशन की अदायगी पर रोक लगाने का हुक्म दिया है।

क़ौमी समाजी तहफ्फुज के तहत मर्कज़ ने रियासत में दस लाख लोगों को समाजी तहफ्फुज़ पेंशन देने का कोटा तय किया था। पेंशन का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर मंसूबा शुरू की गई। इसमें अदायगी के लिए लोगों के आधार नंबर को सर्वर से जोड़ा जाने लगा। इसी दौरान 3 लाख से ज़्यादा पेंशन लेने वालों में से 49 हजार से ज़्यादा फर्जी पाए गए। अभी 6.5 लाख पेंशन पाने वाले के आधार नंबर को जोड़ा जाना बाकी है, इसके बाद फर्जी पेंशनर्स की तादाद और ज्यादा बढ़ सकती है।

ऐसे की गड़बड़ी

फर्जी पेंशन लेने वालों ने फर्जी वोटर आईकार्ड और विकलांग सर्टिफिकेट बनवाकर बैंक और पोस्ट ऑफिस में अलग-अलग पेंशन के लिए कई अकाउंट खुलवाए। लेकिन तमाम अकाउंट में आधार नंबर एक ही दिया। बैंक और पोस्ट ऑफिस के अफसरों ने जमा किए गए आधार नंबर और तसदीक़ ही नहीं कराया। लेबर महकमा ने जब जिलों से पेंशनर्स की तौसिह जानकारी मांगी तो अफसरों ने वही आधार नंबर डालकर हेड क्वार्टर को गलत जानकारी दे दी।

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