Wednesday , December 13 2017

15 लाख से ज्यादा नगदी पर लग सकती है रोक

नई दिल्ली। पांच सौ रुपये और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद देश में काला धन जमा करने वालों के होश पहले से फाख्ता हैं लेकिन आने वाले दिनों में इन पर नकेल और कसी जा सकती है।

‘जागरण’ पर छपी खबर के मुताबिक, सरकार को अगर कालेधन की जांच कर रही एसआइटी की सिफारिश रास आयी तो सरकार हर व्यक्ति के पास कितनी नगदी होनी चाहिए, इसकी सीमा भी तय कर सकती है। एसआइटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एम बी शाह और उपाध्यक्ष व उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्ति न्यायाधीश अरिजीत पसायत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को संयुक्त पत्र लिखकर कहा है कि अगर नगदी रखने की सीमा तय नहीं की गई तो नोट पाबंदी का सरकार के फैसले का कोई असर नहीं होगा। कुछ दिनों के बाद फिर से लोग काला धन जमा करने लगेंगे।

एसआइटी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अपने पत्र में हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया है कि नगदी रखने की अधिकतम सीमा कितनी हो लेकिन माना जा रहा है कि यह सीमा 15 लाख रुपये तय की जा सकती है। असल में एसआइटी ने जुलाई में वित्त मंत्रालय को सौंपी अपनी पांचवी रिपोर्ट में 15 लाख रुपये से अधिक कैश रखने के लिए आयकर आयुक्त की अनुमति लेनी की सिफारिश की थी।
ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार नकदी रखने की सीमा इतनी तय कर सकती है। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति अपने पास 15 लाख रुपये से अधिक नकदी नहीं रख पाएगा।

एसआइटी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कहना है कि सरकार अगर नगदी रखने की सीमा तय नहीं करती तो लोग फिर से कालाधन जमा करने लगेंगे। 2000 रुपये का नया नोट आने से कालाधन जमा करने में उन्हें सहूलियत मिलेगी।

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