Tuesday , December 12 2017

16 साल के इस सीरियाई किशोर को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार 2017 से किया गया सम्मानित

द हेग: सीरिया के 16 वर्षीय मोहम्मद अल जोंडी को सीरियाई शरणार्थी बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार 2017 से नवाजा गया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सीरियाई नागरिक युद्ध के शरणार्थी अल जोंडी ने लेबनान के शरणार्थी शिविर में अपने परिवार के साथ मिलकर एक स्कूल की स्थापना की है और यह स्कूल मौजूदा समय में 200 बच्चों को शिक्षा मुहैया करा रहा है।

जोंडी ने कहा, “स्कूल सिर्फ वह स्थान नहीं है, जहां आप लिखना और पढ़ना सीख सकें। यह एक ऐसा स्थान भी है, जहां आप दोस्त बना सकते हैं और यादों को संजो कर रख सकते हैं। नए लोगों के बारे में जान सकते हैं और दूसरे लोगों को अपने बारे में बता सकते हैं।”

जोंडी ने कहा, “स्कूल एक ऐसा स्थान है, जहां आप के व्यक्तित्व का निर्माण होता है, जहां आप बिना किसी झिझक या परेशानी के खुद को अभिव्यक्त कर सकते हैं और शिक्षकों एवं अन्य साथियों केसाथ अपने विचारों पर चर्चा करते हो।”

अल जोंडी को मलाला यूसुफजई से यह पुरस्कार मिला। मलाला को बच्चों के अधिकारों के लिए किए गए कार्यो के लिए 2013 में नोबल शांति पुरस्कार मिल चुका है।

मलाला ने कहा, “जैसा कि मोहम्मद जानता है कि सीरिया का भविष्य उसके बच्चों पर निर्भर है और बच्चों का भविष्य शिक्षा पर निर्भर है। मोहम्मद और उसके परिवार ने निजी तौर पर जो भी पीड़ा सही हो लेकिन उन्होंने कई बच्चों की स्कूल जाने में मदद की।”

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