19 दिन से स्टांप की फरोख्त नहीं, रजिस्ट्री ठप

19 दिन से स्टांप की फरोख्त नहीं, रजिस्ट्री ठप
स्टांप की फ़्रोखत और ज़मीन की रजिस्ट्री नहीं होने की वजह से रियासत हुकूमत को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। 19 दिनों से स्टांप की फ़्रोखत और रजिस्ट्री का काम ठप है।

स्टांप की फ़्रोखत और ज़मीन की रजिस्ट्री नहीं होने की वजह से रियासत हुकूमत को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। 19 दिनों से स्टांप की फ़्रोखत और रजिस्ट्री का काम ठप है।

अप्रैल में अब तक पूरे रियासत में महज़ 221 डीड की रजिस्ट्री हो पायी है, जबकि रांची में अब तक तीन रजिस्ट्री हुई। मार्च में 13 हजार से ज़्यादा डीड की रजिस्ट्री की गयी थी। उधर झारखंड दस्तावेज नवीस संघ, स्टांप फ़्रोखत यूनियन और रांची जिला बार एसोसिएशन के मुश्तरका में सनीचर को भी इ-पेमेंट गेटवे और इ-स्टांपिंग का मुखालिफत जारी रहा।

स्टांप की फ़्रोखत और रजिस्ट्री से मुतल्लिक़ कामों का बायकॉट किया गया। आंदोलनकारी धरना पर बैठे। किसी भी डीड राइटर या वकील ने कामों में हिस्सा नहीं लिया। तहरीक को खत्म करने के लिए सरकारी सतह पर अब तक कोई पहल भी नहीं की गयी है। इस मौके पर दस्तावेज नवीस संघ के जिला सदर पुष्कर साहू, अजय लाल, सुरेंद्र कुमार सिन्हा, अनूप तिवारी, असीम कुमार सिन्हा, संपत लाल, नवनीत नाथ तिवारी, कुंदन खन्ना, अमित कुमार, रवि कुमार वर्मा समेत कई दीगर मौजूद थे।

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