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1930 मैं हलाकतें, तर्क हुकूमत की कुर्दों से माफ़ी

अनक़रा २५ नवंबर ( एजैंसीज़) तर्क वज़ीर-ए-आज़म रजब तुय्यब उरदगान ने 1930 के अशरे में कुरद तनाज़ा के दौरान तक़रीबन 14 हज़ार हलाकतों पर माज़रत का इज़हार किया ही। तर्क हुकूमत की जानिब से पहली बार कुरद हलाकतों पर माफ़ी मांगी गई है।

अनक़रा २५ नवंबर ( एजैंसीज़) तर्क वज़ीर-ए-आज़म रजब तुय्यब उरदगान ने 1930 के अशरे में कुरद तनाज़ा के दौरान तक़रीबन 14 हज़ार हलाकतों पर माज़रत का इज़हार किया ही। तर्क हुकूमत की जानिब से पहली बार कुरद हलाकतों पर माफ़ी मांगी गई है।

ग़ैर मुल्की ख़बररसां इदारे के मुताबिक़ अप्पोज़ीशन महाज़ की एक अहम जमात रिपब्लिकन पीपल्ज़ पार्टी के एक ओहदेदार कमाल क़िलीच दारावग़लो ने हुकूमत से अपने माज़ी की कार्यवाईयों को तस्लीम करने का मुतालिबा किया था। 1936 और 1939 के दरमयान तन जेली के क़स्बे में तर्क हुकूमत की कार्यवाईयों में 13,806 अफ़राद हलाक होगए थी। वज़ीर-ए-आज़म तुय्यब उरदगान ने रिपब्लिकन पार्टी से भी ये अपील की कि वो भी इस वाक़िया पर माफ़ी मांगे क्योंकि इन हलाकतों के वक़्त वो हुकमरान जमात थी।

तर्क हुकूमत इन दिनों कुरद बाग़ीयों के ख़िलाफ़ लड़ रही है जो तुर्की के जुनूब मशरिक़ी कुरद अक्सरीयती इलाक़े की ख़ुदमुख़तारी के लिए मुहिम चला रहे हैं। 1984 से अब तक इन लड़ाईयों में 40 हज़ार से ज़्यादा अफ़राद हलाक हो चुके हैं। हुकूमत ने कुरद और दूसरी अक़ल्लीयतों की जानिब से ज़्यादा हुक़ूक़ दिए जाने के मुतालिबात के हल केलिए कई इक़दामात किए हैं।

तुय्यब अरदगान 1982 के फ़ौजी इक़तिदार के दौरान तहरीर किए जाने वाले आईन में एक तरमीम प्रभी ज़ोर दे रहे हैं। कुरद रहनुमाओं का कहना है कि तरमीम शूदा आईन में कुर्दों की जुदागाना हैसियत को तस्लीम कर के उन्हें ज़्यादा ख़ुदमुख्तारी दी जायॆ।

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