Sunday , November 19 2017
Home / Khaas Khabar / 1984 सिख दंगा : बंद 199 केसों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जजों की निगरानी समिति गठित की

1984 सिख दंगा : बंद 199 केसों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जजों की निगरानी समिति गठित की

नई दिल्ली : 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े 199 मामलों को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा बंद करने के फैसले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो रिटायर्ड जजों की निगरानी समिति गठित की है। दंगों से संबंधित 42 अन्य मामलों की जांच के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने समिति से कहा है। समिति से तीन महीने में जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है। अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान 24 मार्च को केंद्र सरकार से इन 199 केसों की फाइल पेश करने को कहा था। कोर्ट को बताया गया था कि इन केसों में एसआईटी जांच के बाद केस बंद करने का फैसला लिया जा चुका है। याचिकाकर्ता के वकील अरविंद दत्तार ने कहा था कि दंगा मामले में कुल साढ़े छह सौ केस दर्ज हुए थे।

एसआईटी ने 293 केसों की छानबीन की थी और 199 केस बंद करने का फैसला किया था। अटॉर्नी जनरल ने बताया था कि ये मामला तीन दशक पुराना है। केस इसलिए बंद करने पड़े क्योंकि लापता (अनट्रेस्ड) रिपोर्ट आई थी।

कानपुर में सिख विरोधी दंगों पर सुनवाई 22 सितंबर को
1984 में कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगे में दोषियों पर कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को याचिका की कॉपी मुहैया कराई और पक्ष रखने को कहा है। याचिका दायर कर कहा गया है कि कानपुर में दंगे के मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

याचिका में कहा गया है कि पीड़ित का पुनर्वास नहीं हुआ, न ही उन्हें मुआवजा मिला और न ही न्याय। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य मामले के साथ जोड़ दिया था। याचिका में कहा गया है कि घटना को 33 साल हो गए, लेकिन अभी तक सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय कर दी है।

TOPPOPULARRECENT