Wednesday , December 13 2017

2.5 लाख तालिबे इल्म के मैट्रिक इम्तिहान देने का रास्ता साफ

रियासत के फाइनेंस रहित 527 कायम की इजाजत हाईस्कूलों में पढ़ने वाले 2.5 लाख तालिबे इल्म के लिए अच्छी खबर है। ये तालिबे इल्म मैट्रिक की इम्तिहान में शामिल हो सकेंगे। इन स्कूलों काे दो सेशन की मुद्दत तौसिह से मुतल्लिक़ एचआरडी के परपोजल प

रियासत के फाइनेंस रहित 527 कायम की इजाजत हाईस्कूलों में पढ़ने वाले 2.5 लाख तालिबे इल्म के लिए अच्छी खबर है। ये तालिबे इल्म मैट्रिक की इम्तिहान में शामिल हो सकेंगे। इन स्कूलों काे दो सेशन की मुद्दत तौसिह से मुतल्लिक़ एचआरडी के परपोजल पर वजीरे आला हेमंत सोरेन ने जुमा को मंजूरी दे दी। इस सिलसिले में जल्दी ही अहद जारी किया जाएगा। इससे इन स्कूलों को सेशन 2014-16 और 2015-17 के लिए मुद्दत की तौसिह मिलेगा। गौरतलब है कि मुस्तकबिल मंजूरी न होने की वजह से हर बार इन स्कूलों के सामने ऐसी हालत पैदा होती थी।

हाईस्कूल दस्तूर्ल अमल में तरमीम की तजवीज गुजिशता दो साल से जेरे गौर है। तरमीम के लिए एचआरडी ने साल 2012 में कमेटी बनाई थी। कमेटी ने चार जुलाई 2012 को तजवीज एचआरडी को सौंप दिया था। लेकिन आज तक दस्तूरुल अमल में तरमीम नहीं हो सका। रियासत में 527 हाईस्कूल कायम की इजाजत हैं। इनमें से 293 ग्रांट में हैं। लेकिन सख्त दस्तूरुल अमल की वजह से एक भी हाई स्कूल को रियासती हुकूमत से मुस्तकबिल मंजूरी नहीं मिली है। लंबे वक़्त से असातिज़ा मोर्चा की तरफ से दस्तूरुल अमल में तरमीम की मांग की जा रही है। ताकि तमाम हाई स्कूल को मुस्तकबिल मंजूरी मिल सके। लेकिन हर बार मुद्दत की तौसिह की जाती थी।

इन नुक्तों पर फंसा है पेंच

दस्तूरुल अमल के मुताबिक हाईस्कूल में 1200 स्क्वाइर फीट का एक हॉल जरूरी।
मुस्तकबिल मंजूरी लेने के बाद फर्स्ट क्लास जुिडशियल मजिस्ट्रेट से एफ़िडिफिट देना है कि वे ग्रांट की मांग नहीं करेंगे।

स्कूल के तमाम असातिज़ा के लिए बीएड करना लाज़मी है।

स्कूल के लिए शहरी इलाक़े में 50 डिसमिल और देही इलाकों में दो एकड़ जमीन होना लाज़मी है।

महकमा ने जान-बूझकर लटकाया मामला

असातिज़ा मोर्चा के मेम्बर सुरेंद्र झा और रघुनाथ सिंह ने कहा कि तालीम महकमा जान-बूझकर तरमीम की तजवीज को अटकाए हुए है। अगर दस्तूरुल अमल में तरमीम कर दिया जाए तो तमाम स्कूल को मुस्तकबिल मंजूरी ले लेंगे।

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