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2 G स्क़ाम: चिदम़्बरम के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की अपील पर फ़ैसला महफूज़्

नई दिल्ली, २२ जनवरी (पी टी आई) 2G स्स्क़ाम मुक़द्दमा में मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम के ख़िलाफ़ क़ानूनी चाराजोई के लिए जनता पार्टी के सुब्रामणियम स्वामी की दरख़ास्त पर दिल्ली की एक अदालत ने 4 फरवरी तक अपने अहकाम महफ़ूज़ रखने का फ़ै

नई दिल्ली, २२ जनवरी (पी टी आई) 2G स्स्क़ाम मुक़द्दमा में मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम के ख़िलाफ़ क़ानूनी चाराजोई के लिए जनता पार्टी के सुब्रामणियम स्वामी की दरख़ास्त पर दिल्ली की एक अदालत ने 4 फरवरी तक अपने अहकाम महफ़ूज़ रखने का फ़ैसला किया है।

सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत के जज ओ पी सावनी ने चिदम़्बरम के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात की ताईद में स्वामी की बेहस के इख़तेताम पर ऐलान किया कि अहकाम को 4 फरवरी तक महफ़ूज़ रखा जाये।

डाक्टर सुब्रामणियम स्वामी ने बेहस के दौरान कहा कि अदालत में इन की तरफ़ से पेश करदा सबूत बादियुन्नज़र में ये साबित करते हैं कि साबिक़ वज़ीर टेलीकॉम ए राजा के बराबर मिस्टर चिदम़्बरम भी क़सूरवार हैं, जब कि राजा 2G स्पेक्ट्रम तख़सीसात मैं बदउनवानीयों के एक ज़ेर दौरान मुक़द्दमा के तहत फ़िलहाल जेल में हैं।

उन्होंने मज़ीद कहा कि ए राजा और पी चिदम़्बरम ने मुशतर्का तौर पर जुर्म किया है, बादियुन्नज़र में चिदम़्बरम ने मुजरिमाना बदउनवानीयों का ए राजा के साथ साज़ बाज़ और मुनज़्ज़म साज़िश के तहत इर्तिकाब किया था। सुब्रामणियम स्वामी ने अदालत से कहा कि अदालत में इन की तरफ़ से पेश करदा सबूत ये बताने के लिए काफ़ी हैं कि इस वक़्त के वज़ीर फ़ीनानस चिदम़्बरम मुख़्तलिफ़ फ़ौजदारी क़वानीन के इलावा इंसिदाद रिश्वत सतानी क़ानून के तहत जुर्म के मुर्तक़िब पाए जाते हैं।

स्वामी ने इस्तेदलाल पेश किया कि इस मरहला पर ये वाज़िह हो गया है कि मुझे सिर्फ इस बात की ज़रूर है कि अदालत में ख़ातिरख़वाह सबूत पेश करूं, ताकि चिदम़्बरम को क़सूरवार साबित किया जा सके, जो फ़िलहाल इस मुक़द्दमा मैं मुल्ज़िम नहीं हैं।

लेकिन रिकार्ड पर पेश कर्दा शहादतों से यक़ीनन ये साबित हो जाएगा कि चिदम़्बरम क़ानून इंसिदाद रिश्वत सतानी और दीगर फ़ौजदारी क़वानीन की ख़िलाफ़वर्ज़ी के मुर्तक़िब हो सकते हैं। इस मुक़द्दमा मैं इल्ज़ामात वज़ा करने से मुताल्लिक़ 22 अक्तूबर को जारी कर्दा
अदालती अहकाम का हवाला देते हुए सुब्रामणियम स्वामी ने कहा कि स्वान टेलीकॉम और यूनीटेक वायरलेस के हिसस एक बैरूनी मुवासलाती इदारा इत्तेसालात के इलावा टेली नार को हवाले करना दरअसल चालबाज़ी का एक हर्बा था। सुब्रामणियम स्वामी ने ये इस्तेदलाल भी पेश किया कि चूँ कि वो (चिदम़्बरम) राजा के साथ साज़ बाज़ करचुके थे, उन्हों ने इस ज़िमन में काबीनी इजलास की तलबी की तजवीज़ पेश नहीं की थी, हालाँकि ओहदा दारान (वज़ारत फ़ीनानस) ने चिदम़्बरम को तमाम उमूर से बाख़बर करदिया था।

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