Thursday , February 22 2018

2005 से क़ब्ल जारी कर्दा करंसी नोटों का चलन बरक़रार – आर बी आई

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 2005 से क़ब्ल की करंसी नोटों के चलन को अभी बंद नहीं किया है बल्कि पहले जारी किए गए आलामीया में दो मर्तबा तौसीअ दी गई है और इस मर्तबा दी गई तौसीअ के मुताबिक़ एक जनवरी 2015 से उन करंसी नोटों का चलन बंद होगा।

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 2005 से क़ब्ल की करंसी नोटों के चलन को अभी बंद नहीं किया है बल्कि पहले जारी किए गए आलामीया में दो मर्तबा तौसीअ दी गई है और इस मर्तबा दी गई तौसीअ के मुताबिक़ एक जनवरी 2015 से उन करंसी नोटों का चलन बंद होगा।

2005 से क़ब्ल शाय शूदा करंसी नोटों के इस्तेमाल को बंद करने के सिलसिले में 2014 आम इंतेख़ाबात से क़ब्ल आलामीया जारी किया गया था लेकिन अवाम के इसरार के बाद रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने इन करंसी नोटों के चलन की तारीख़ में तौसीअ करते हुए जुलाई 2014 तक करंसी नोटों की तबदीली का मौक़ा फ़राहम किया था लेकिन गुज़िश्ता दिनों रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने एक और आलामीया जारी करते हुए इस मोहलत में मज़ीद 6 माह की तौसीअ फ़राहम की है लेकिन गुज़िश्ता एक महीने से ही शहर के दुकानदारों बिलख़सूस तिजारती इदारों की जानिब से वो करंसी नोट वसूल करने से इनकार किया जा रहा है जिन पर साल इशाअत दर्ज ना हो।

आर बी आई ओहदेदारों के बामूजिब इन करंसी नोटों के चलन पर किसी किस्म की कोई पाबंदी नहीं है और किसी को भी इन नोटों के इस्तेमाल में मुश्किल महसूस नहीं करनी चाहीए।

इन रहनुमायाना ख़ुतूत के मुताबिक़ बैंकों की ये ज़िम्मेदारी हैकि वो 2005 से क़ब्ल जारी कर्दा नोटों के कारोबार को ना रोकें बल्कि जो लोग बैंक से रुजू होते हुए इन नोटों को तबदील करवाना चाहे उन के करंसी नोट बिला किसी इज़ाफ़ी चार्जेस के तबदील करने में ताम्मुल ना बरतें।

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