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2010 कश्मीर हिंसा पर उमर ने कहा- ‘मेरा दिल भारी पड़ जाता है जब उन लम्हों को याद करता हूं’

जम्मू। जम्मू-कश्‍मीर विधानसभा में आज सूबे के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैंने 2010 की हिंसा के लिए किसी को कसूरवार नहीं ठहराया है। मेरा दिल भारी पड़ जाता है जब मैं उन लम्हों को याद करता हूं। उन्होंने कहा कि 2010 के हालात के लिए मैंने उन बच्चों के मां-बाप को या फिर पाकिस्तान को दोषी नहीं ठहराया। इसके लिए किसी को बली का बकरा नहीं बनाया।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बेशक बंदूक मेरे कंधे से न लगी हो लेकिन जिस कुर्सी पर मैं बैठा था जिम्मेदारी मेरी बनती थी जिसे निभाने में मैं फेल हो गया। आपको बता दें कि जून 2010 की हिंसा में 122 लोगों की मौत हो गई थी।

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